फिल्म निर्देशक राम गोपाल वर्मा का विवादास्पद वक्तव्य ।

मुंबई – मैं दाऊद इब्राहिम की वजह से जीवित हूं । उसी के कारण मेरा घर चलता है, ऐसा विवादास्पद वक्तव्य फिल्म निर्देशक राम गोपाल वर्मा ने दिया। ‘फिल्मफेयर’ इस यूट्यूब चैनल को दिए गए एक साक्षात्कार में राम गोपाल वर्मा ने यह वक्तव्य दिया ।
Underworld Money, Bollywood Narratives: A Larger Conspiracy 🎬💰
“I Earn My Living Because of Dawood Ibrahim” – Ram Gopal Varma
RGV claims that his movies Satya and Company were heavily inspired by the real-life underworld, referencing figures like Dawood Ibrahim.
This… pic.twitter.com/cc3iJcFbil
— Sanatan Prabhat (@SanatanPrabhat) April 12, 2026
इस समय राम गोपाल वर्मा ने कहा, मैंने अपनी ‘गन्स एंड थाईज’ इस आत्मकथा को दाऊद इब्राहिम को समर्पित किया था, परंतु प्रकाशकों ने दाऊद का नाम हटा दिया । दाऊद इब्राहिम नहीं होता, तो मैं ‘सत्या’ तथा ‘कंपनी’ जैसी अमर फिल्में नहीं बना पाता । फिर मैं उसे यह पुस्तक समर्पित क्यों न करूं ? उसी के कारण मेरा घर चल रहा है । मैं एकमात्र ऐसा व्यक्ति था, जिसे अपराधियों से कभी भी धमकी भरे फोन नहीं आए, क्योंकि उन्हें ‘सत्या’ और ‘कंपनी’ ये फिल्में बहुत पसंद आई थीं । वे मुझे दुखी नहीं करना चाहते थे । मैं एक तरह से उनका घनिष्ठ मित्र बन गया था ।
संपादकीय भूमिकाराम गोपाल वर्मा के इस वक्तव्य से यह स्पष्ट होता है कि हिंदी फिल्म उद्योग में पैसा कहां से आता था । इसी कारण हिंदी फिल्म उद्योग में हिंदुओं की आस्था के स्थानों को बार-बार कमतर आंका जाना, उनकी बिडम्बना करना, आम तौर पर होते रहे हैं तथा आज भी हो रहे हैं । हिंदी फिल्म उद्योग में किन-किन लोगों को पैसे दिए गए, इसकी पुलिस द्वारा गहन जांच होना आवश्यक है । |
Suhail Arrested : श्रीराम मंदिर को बम से उडाने का षड्यंत्र रचने वाले सुहेल को कर्नाटक से बंदी बनाया गया
India Slams Bangladesh : अल्पसंख्यकों पर अत्याचार एवं उनकी धार्मिक भावनाओं के साथ होनेवाला खेल भारत सहन नहीं करेगा !
( और इनकी सुने …) ‘क्या सरकार अब भा.ज.पा. की ही भूमिका अपना रही है ?’ – Udhayanidhi Stalin
देवस्थान भूमि के संदर्भ में सरकारी देवस्थान समिति की पहली बैठक संपन्न हुई !
Religious Conversion Love Jihad : पिछले २४ घंटों में सामने आईं लव जिहाद की ४, जबकि धर्मांतरण की २ घटनाएं ।
गाय को राष्ट्रमाता घोषित करो ! – पू. किशोरशास्त्री दवे