Dhanbad Violence : धनबाद में रामनवमी की शोभायात्रा पर मुसलमानों द्वारा पथराव : पुलिस ने हिन्दुओं को ही रस्सी से बांधकर बाजार में घुमाया !

  • चोर को छोडकर संन्यासी को फांसी देनेवाली पुलिस !

  • राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की झारखंड सरकार को नोटिस

धनबाद (झारखंड) – यहां रामनवमी की शोभायात्रा पर कट्टरपंथी मुसलमानों ने पथराव किया था; परंतु पथराव करनेवाले आरोपियों पर कार्रवाई करने की अपेक्षा पुलिस ने शोभायात्रा के आयोजन करनेवाले हिन्दू आयोजकों के साथ दुर्व्यवहार किया । पुलिस ने आयोजकों को बंदी बना लिया तथा उन्हें रस्सी से बांधकर बाजार में घुमाया ।

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष प्रियंक कानूनगो ने इस घटना का गंभीर संज्ञान लेते हुए झारखंड राज्य के मुख्य सचिव एवं पुलिस महानिदेशक को नोटिस भेजा है । आयोग ने हिन्दुओं को रस्सी से बांधकर बाजार में घुमाने की घटना को मानवाधिकारों का उल्लंघन बताया है । इस प्रकरण में ७ दिनों के भीतर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आदेश दिया गया है ।

१. धनबाद के बलियापुर क्षेत्र के भीखराजपुर गांव में रामनवमी की शोभायात्रा पर कट्टरपंथी मुसलमानों ने पथराव किया था । इस पथराव में कई हिन्दू श्रद्धालु घायल हुए ।

२. पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर दोनों पक्षों के कुछ लोगों को बंदी बना लिया; परंतु केवल हिन्दुओं के साथ अनुचित व्यवहार किए जाने के कारण यह प्रकरण गंभीर बन गया है ।

३. सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो के अनुसार पुलिस ने सामाजिक कार्यकर्ता शत्रुघ्न महतो एवं शोभायात्रा के अन्य आयोजकों को रस्सी से बांधकर सार्वजनिक रूप से बाजार में घुमाया ।

४. भारतीय जनता युवा मोर्चा के जिलाध्यक्ष शशांक राज ने इस पर कडा विरोध जताते हुए मानवाधिकार आयोग में परिवाद प्रविष्ट किया था । उन्होंने आरोप लगाया कि “पुलिस की यह भूमिका पूरी तरह पक्षपातपूर्ण है । पथराव मुस्लिम समूह द्वारा किए जाने के उपरांत भी शोभायात्रा के आयोजकों को ही अपराधियों की तरह सडकों पर घुमाया गया ।”

५. इस घटना के पश्चात क्षेत्र में आक्रोश का वातावरण है तथा संबंधित पुलिस अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की जा रही है ।

संपादकीय भूमिका 

  • ऐसी पुलिस भारत की है या पाकिस्तान की ? निर्दोष हिन्दुओं के साथ ऐसा व्यवहार कर अपनी बहादुरी दिखानेवाली पुलिस मुसलमानों के सामने दब जाती है, यह ध्यान रखें !
  • झारखंड में हिन्दू-विरोधी झारखंड मुक्ति मोर्चा की सरकार होने के कारण पुलिस ने ऐसा किया, तो इसमें आश्चर्य क्या ?