Lashkar Temples Attack Plot : नई दिल्ली के ३ मंदिरों पर आक्रमण का षड्‌यंत्र उजागर हुआ !

नई दिल्ली – दिल्ली पुलिस द्वारा २ दिन पहले बंदी बनाए गए लश्कर-ए-तैयबा के आतंकवादी शब्बीर अहमद ने पूछताछ में स्वीकार किया है कि वह दिल्ली के प्रसिद्ध कालकाजी मंदिर, लोटस टेम्पल एवं छतरपुर मंदिर पर बड़े आक्रमण की योजना बना रहा था ।

रेकी के वीडियो पाकिस्तान भेजे !

शब्बीर अहमद ने इन मंदिरों के साथ-साथ कनॉट प्लेस के भीडभाडवाले बाजारों की भी रेकी की थी । इसके उपरांत उसने इन स्थानों के वीडियो पाकिस्तान में बैठे अपने आकाओं को भेजे थे । जांच में यह भी सामने आया है कि पाकिस्तान की गुप्तचर एजेंसी आईएसआई एवं लश्कर-ए-तैयबा, कश्मीर में सक्रिय द रेजिस्टेंस फ्रंट की शैली में बांग्लादेश में नया आतंकी नेटवर्क खडा करने का प्रयास कर रहे हैं । इसके लिए वहां के मुस्लिम युवकों की भर्ती की जा रही है । शब्बीर अहमद कुछ समय तक बांग्लादेश में छिपा रहा था तथा वहां के सत्तांतरण के उपरांत फिर सक्रिय हो गया । उसने दिल्ली से लेकर दक्षिण भारत एवं बंगाल तक अपना नेटवर्क फैला लिया था ।

जेल से छूटने के पश्चात फिर आतंकी गतिविधियां

जांच में यह भी पता चला है कि शब्बीर अहमद का संबंध टीआरएफ कमांडर सज्जाद गुल से है, जिस पर राष्ट्रीय जांच एजेंसी द्वारा बडा इनाम घोषित किया गया है । वर्ष २०१५ में कश्मीर में दोनों को एक साथ पकडा गया था । जेल से छूटने के उपरांत सज्जाद गुल पाकिस्तान भाग गया तथा उसने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर से अपनी गतिविधियां जारी रखीं, जबकि शब्बीर को भारत में आक्रमणों के लिए तैयार किया गया । (इससे स्पष्ट होता है कि आतंकवादियों को पालने-पोसने की अपेक्षा उन्हें पकडने के उपरांत त्वरित न्यायालय में अभियोग चलाकर उन्हें फांसी का ही दंड देना कितना उचित है ! अब भी शब्बीर को फांसी हो, इसके लिए सरकार को प्रयास करना चाहिए ! – संपादक)

संपादकीय भूमिका 

  • जिहादी आतंकवादी हिन्दुओं के मंदिरों पर आक्रमण करने का षड्‌यंत्र रचते हैं; परंतु भारत में कोई भी मुस्लिम संगठन या उनके धर्मगुरु कभी भी ऐसे लोगों की निंदा नहीं करते, यह ध्यान रखें !
  • ‘आतंकवादियों का कोई धर्म नहीं होता’, यह कहना अब इतिहास बन चुका है, पर ‘आतंकवादियों का धर्म होता है तथा भारत में आक्रमण करनेवाले आतंकवादी मुसलमान होते हैं’, यही वास्तविकता है !