(और इनकी सुनिए…) ‘मस्जिद गिराने पर मंदिर मिलता है, उसी प्रकार मंदिर गिराने पर स्तूप मिलेगा ! – Priyank Kharge

कर्नाटक में कांग्रेस सरकार के मंत्री प्रियांक खडगे का मुसलमानों को प्रसन्न करने के लिए हास्यास्पद वक्तव्य

(स्तूप अर्थात बौद्ध धर्म का धार्मिक स्थल)

प्रियांक खडगे

बेंगलुरु (कर्नाटक) – यदि आप इतिहास में गहराई से जाएंगे तो आप फंस जाएंगे । जिस प्रकार मस्जिद तोडने पर मंदिर मिलते हैं, उसी प्रकार मंदिर तोडने पर स्तूप मिलेंगे । स्तूप तोडने पर क्या मिलेगा, यह मुझे ज्ञात नहीं । ३,५०० वर्षों के इतिहास के आधार पर मैं यह बात कह रहा हूं, ऐसा बयान राज्य की कांग्रेस सरकार के मंत्री प्रियांक खडगे ने दिया । इस बयान से विवाद उत्पन्न हो गया है । बेंगलुरु में आयोजित लेखक नवीन सूरींजे की पुस्तक ‘करावली चरित्रेल्ली हैदर अली मत्तू टीपू सुल्तान’ (तटीय इतिहास में हैदर अली और टीपू सुल्तान) के विमोचन समारोह में प्रियांक खडगे बोल रहे थे ।

लेखक नवीन सूरींजे (दाएँ से तीसरे) की पुस्तक ‘करावली चरित्रेल्ली हैदर अली मत्तू टीपू सुल्तान’ के लोकार्पण समारोह में प्रियंक खड़गे और अन्य

१. बेंगलुरु दक्षिण से भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या का नाम लिए बिना अप्रत्यक्ष रूप से उन पर लक्ष्य साधते हुए खडगे ने कहा कि अंग्रेजों के विरुद्ध राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने कभी आवाज नहीं उठाई थी । (कांग्रेस ने स्वतंत्रता संग्राम में क्या किया, यह जनता जानती है ! कांग्रेस के कारण ही भारत का विभाजन हुआ तथा १० लाख हिन्दुओं की हत्या हुई ! – संपादक) ‘टीपू सुल्तान स्वतंत्रता सेनानी नहीं थे’, ऐसा तर्क भाजपा एवं संघ के लोग करते हैं; परंतु टीपू ने अंग्रेजों के विरुद्ध ४ युद्ध लडे, यह सत्य है या असत्य ? क्या अंग्रेजों के विरुद्ध लडनेवाले स्वतंत्रता सेनानी नहीं होते ? ऐसा प्रश्न उन्होंने किया । (यह सही हो सकता है, लेकिन वह अपने राज्य को बचाने के लिए था, भारत की स्वतंत्रता के लिए नहीं ! टीपू ने लाखों हिन्दुओं की हत्या की और धर्मांतरण भी करवाया, यह सत्य है या असत्य ? यह खडगे को बताना चाहिए ! – संपादक)

२. खडगे ने कहा कि टीपू सुल्तान बागवानी के जनक हैं । इसके प्रमाण उपलब्ध हैं । बेंगलुरु का ‘लालबाग’ हैदर अली एवं टीपू सुल्तान ने बनवाया था; लेकिन उस क्षेत्र के सांसद टीपू के विरोधी हैं, तो क्या वे ‘लालबाग’ को जला देंगे ?

३. उन्होंने कहा कि जब मैं इंग्लैंड गया था, तब एक ब्रिटिश इतिहासकार ने बताया कि ब्रिटिश इतिहास की पुस्तकों में भारत के कुछ ही स्वतंत्रता सेनानियों के नाम हैं तथा उनमें टीपू का नाम प्रमुख है । (ब्रिटिशों ने अपने अनुसार भारत का इतिहास लिखा है, इसलिए वह खडगे को भी उसी प्रकार अनुकूल लगेगा ! – संपादक) 

संपादकीय भूमिका

  • खडगे ने एक प्रकार से यह स्वीकार किया कि मस्जिदें गिराने पर वहां मंदिर मिलते हैं ! अब उन्हें कर्नाटक की सभी मस्जिदें गिराकर उनके नीचे के मंदिर सामने लाने चाहिए !
  • देश में अब तक कहीं भी मंदिरों के नीचे बौद्ध स्तूप मिलने की बात सामने नहीं आई है, यह वास्तविकता है; परंतु खडगे के अनुसार मस्जिदों के नीचे मंदिर मिले हैं !