मैं उगादी (हिन्दुओं का नववर्ष) एवं शिवरात्रि के समय में मांसाहार करता हूं ! – Siddaramaiah

कर्नाटक की कांग्रेस सरकार के मुख्यमंत्री सिद्धरामय्या ने विधानसभा में दिया वक्तव्य !

मुख्यमंत्री सिद्धरामय्या

बेंगलुरू (कर्नाटक) – कर्नाटक की कांग्रेस सरकार के मुख्यमंत्री सिद्धरामय्या ने विधानसभा में अर्थसंकल्प पर हो रही चर्चा में वक्तव्य देते हुए कहा,‘‘आज भी मैं राहूकाल एवं गुलिक काल (एक अशुभ काल) पर विश्वास नहीं करता । मैंने इससे पूर्व भी राहूकाल में तथा गुलिक काल में राज्य का अर्थसंकल्प प्रस्तुत किया है । मैं इन बातों पर विश्वास नहीं करता । मैं उगादी एवं शिवरात्रि के समय भी मांसाहार करता हूं । इसमें अनुचित क्या है ? ईश्वर के अस्तित्व पर मैं विश्वास करता हूं; परंतु ईश्वर केवल मंदिर में नहीं हैं,अपितु सर्वत्र हैं ।’’

विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आर्. अशोक ने कहा था कि सिद्धरामय्या कर्मसिद्धांत के विषय में तो बोलते हैं; परंतु उन्होंने राहूकाल को विचार में लिए बिना राज्य का अर्थसंकल्प प्रस्तुत किया । इस पर स्पष्टीकरण देते हुए सिद्धरामय्या ने कहा, ‘‘ मेरे परिजनों एवं अधिकारियों ने मुझे राहूकाल में अर्थसंकल्प प्रस्तुत न करने के लिए कहा था; परंतु जो कि मैं लोकतंत्र पर विश्वास करता हूं; इसलिए मैंने राहूकाल में ही अर्थसंकल्प प्रस्तुत किया ।’’

संपादकीय भूमिका 

  • किसे क्या खाना चाहिए तथा क्या नहीं खाना चाहिए ?, यह प्रत्येक नागरिक का व्यक्तिगत अधिकार है; परंतु जानबूझकर हिन्दुओं के नववर्ष के दिन मांसाहार करने की बात करना हिन्दुओं को आहत करना है । मुख्यमंत्री सिद्धरामय्या अन्य धर्मियों के विषय में कभी ऐसा वक्तव्य नहीं देते; क्योंकि वे उसके होनेवाले परिणाम जानते हैं !
  • ऐसे लोगों को चुननेवाले हिन्दुओं का इस पर क्या कहना है ?