अपराधियों को पुलिस के गणवेश (वर्दी) का भय होना चाहिए ! – UP CM Yogi Adityanath

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

लक्ष्मणपुरी (उत्तरप्रदेश) – पर्वों के समय किसी भी प्रकार का उपद्रव कदापि सहन नहीं किया जाएगा । वातावरण बिगाड़ने वालों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी । अपराधियों को पुलिस की गणवेश का भय होना चाहिए । पर्व-उत्सव परंपरा की मर्यादा में ही मनाए जाएं, किसी भी नई परंपरा को अनुमति नहीं दी जाएगी, ऐसी चेतावनी उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ईद की पृष्ठभूमि पर दी । वे विधि एवं व्यवस्था की समीक्षा हेतु आयोजित बैठक में बोल रहे थे । इस ऑनलाइन बैठक में पुलिस महानिदेशक, पुलिस आयुक्त, जिलाधिकारी आदि सम्मिलित हुए थे ।

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि :

प्रत्येक परिवाद (शिकायत) एवं प्रत्येक घटना को गंभीरता से लें !

किसी भी परिस्थिति में शांति एवं सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए । किसी भी स्तर पर शिथिलता स्वीकार्य नहीं होगी । अपराध की एक भी घटना संपूर्ण समाज का वातावरण बिगाड़ देती है; इसलिए प्रत्येक परिवाद एवं प्रत्येक घटना को गंभीरता से लिया जाए ।

भोंपुओं (लाउडस्पीकर) का स्वर निर्धारित मानकों में ही हो !

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों का संदर्भ देते हुए कहा कि, धार्मिक स्थलों पर भोंपुओं का स्वर निर्धारित मानकों के भीतर ही रखा जाए । नियम भंग होने पर भोंपुओं को हटाने की कठोर कार्रवाई करें । मोटर-साइकिल पर स्टंटबाजी (प्राणघातक कृत्य) तत्काल रोके जाए ।

चैत्र नवरात्रि में मंदिरों में सतर्कता बरतें !

चैत्र नवरात्रि में देवी मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए सुरक्षा, स्वच्छता, भीड़ प्रबंधन, पेयजल, प्रकाश एवं स्वास्थ्य सेवा आदि की पूर्ण व्यवस्था करें । प्रमुख मंदिरों एवं भीड़भाड़ वाले स्थानों पर अतिरिक्त सतर्कता बरतें ।

गो-आश्रय स्थलों की व्यवस्था अधिक उत्तम करें !

मुख्यमंत्री ने निराश्रित गो-आश्रय स्थलों की व्यवस्थाओं को अधिक सुदृढ़ करने के निर्देश दिए । उन्होंने नोडल (विभिन्न विभागों से समन्वय करने वाले) अधिकारियों की नियुक्ति, समय पर निधि का आवंटन, गोवंश का संरक्षण, चारा एवं अन्य आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित करने को कहा ।

एल.पी.जी. (LPG) सिलेंडर की कालाबाजारी पर कड़ी दृष्टि रखें !

एल.पी.जी. सिलेंडरों की आपूर्ति के संदर्भ में जनसामान्य को किसी भी प्रकार का कष्ट नहीं होना चाहिए । जमाखोरी एवं कालाबाजारी पर कड़ी दृष्टि रखें । दोषियों पर कठोर कार्रवाई करें एवं जनसमस्याओं का त्वरित निवारण करें ।