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नई दिल्ली – विश्व हिन्दू परिषद के संयुक्त महासचिव सुरेंद्र जैन ने यहां एक पत्रकार सम्मेलन में चेतावनी देते हुए कहा कि उत्तम नगर में तरुण कुमार खटीक की हत्या जैसी घटनाएं केवल दिल्ली तक सीमित नहीं हैं, अपितु पूरे देश में हो रही हैं । पिछले १० वर्षों में ऐसी २४० घटनाएं हुई हैं, जिनमें हिन्दू त्योहारों के समय हिन्दुओं पर आक्रमण किए गए एवं उनमें १०० हिन्दुओं की हत्या की गई । उत्तम नगर प्रकरण में जब लोगों ने विरोध आरंभ किया, तब दिल्ली सरकार को कार्रवाई करनी पडी । यदि देश में हिन्दू भी वही करने लगें जो जिहादी कर रहे हैं, तो क्या होगा ? तब वे लोग मोहर्रम एवं ईद कहां तथा कैसे मनाएंगे ? अब हिन्दू हाथ पर हाथ रखकर पुलिस की कार्रवाई की प्रतीक्षा नहीं करेंगे । अब हिन्दू अपने ढंग से कार्रवाई करेंगे ।
🚨 Warning from VHP on Delhi Murder Case
“Hindus will no longer wait for the police; they will take action in their own way!”
– Vishwa Hindu Parishad
(@VHPDigital) General Secretary Surendra Jain has issued a strong warning regarding the murder of Tarun Kumar Khatik in Delhi.… https://t.co/XWjAOYnT43 pic.twitter.com/2AaGIXa9bu— Sanatan Prabhat (@SanatanPrabhat) March 10, 2026
श्री जैन द्वारा रखे गए सूत्र
यदि हिन्दू भी ऐसा करने लगें, तो आप ईद कैसे मनाएंगे ?
जैन ने आगे कहा कि रामास्वामी उदयार प्रकरण में उच्च न्यायालय की टिप्पणी सभी को याद रखनी चाहिए कि यदि कोई वर्ग हिन्दुओं को उनके त्योहार एवं शोभायात्राएं आयोजित करने से रोकता है, तो उस वर्ग को भी यह सोचना होगा कि जहां वह अल्पसंख्यक (मुस्लिम) है, वहां वह अपने धार्मिक कार्यक्रम (ईद, मोहर्रम) कैसे करेगा ।
तरुण की हत्या पूर्वनियोजित !
जैन ने कहा कि होली रंगों का त्योहार है; परंतु उसी दिन जिहादियों ने खून की होली खेली । तरुण खटीक की निर्मम हत्या कर दी गई । ७ वर्ष के एक बच्चे से होली खेलते समय गलती से रंग एक मुस्लिम महिला के कपडों पर पड गया । इसके पश्चात २५ से ३० मुस्लिम तलवारें लेकर आए और उन्होंने आक्रमण किया । यह कोई संयोग नहीं लगता, अपितु पूर्वनियोजित घटना प्रतीत होती है । इस प्रकरण में वह महिला गायब हो गई है । उस महिला सहित संबंधित सभी लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिए ।
जाति की राजनीति करनेवाले अब चुप क्यों ?
देश में कहीं भी यदि गौरक्षकों ने कुछ किया, तो राहुल गांधी सहित सभी तथाकथित धर्मनिरपेक्ष नेता सडकों पर उतर आते हैं; परंतु आज तरुण की हत्या पर वे शांत क्यों हैं ? तरुण अनुसूचित जाति से थे । आज अनुसूचित जाति के नेता कहलानेवाले लोग भी चुप क्यों हैं ?
दंगाइयों में महिलाएं एवं अवयस्क ही आगे क्यों ?
अब तक ३० आरोपियों में से केवल ७ को बंदी बनाया गया है । पूरे दिल्ली में इस घटना पर आक्रोश व्यक्त किया जाएगा । मशाल जुलूस निकाला जाएगा । आवश्यकता पडने पर देशभर में आंदोलन किया जाएगा । देशभर में यह देखा गया है कि जिहादी अक्सर दंगों में महिलाओं एवं अवयस्कों को आगे कर देते हैं, ताकि वे कानूनी कार्रवाई से बच सकें । अब उनकी इस रणनीति पर भी नियंत्रण लाने का समय आ गया है ।
समाज सबको पहचानता है, इसलिए अपने तरीके से कार्रवाई करेगा !
यदि सरकार कार्रवाई नहीं करती, तो उसे स्पष्ट रूप से बता देना चाहिए । उस क्षेत्र का समाज सभी को पहचानता है । उसके बाद समाज अपने तरीके से कार्रवाई करेगा । कट्टरपंथी मदरसों पर तुरंत प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए । जमीयत उलेमा-ए-हिन्द नामक संगठन आतंकवादियों के पक्ष में खडा होता है तथा उन्हें संरक्षण देता है । उसकी गतिविधियों की भी जांच होनी चाहिए ।
संपादकीय भूमिकाविश्व हिन्दू परिषद का यह संकेतात्मक वक्तव्य कोई प्रतिक्रिया या उकसावा नहीं है, अपितु हिन्दुओं पर पिछले ७८ वर्षों से हो रहे अन्याय एवं अत्याचारों की पीडा है । देश धर्मनिरपेक्ष होने के उपरांत भी जब भी आक्रमण की घटनाएं होती हैं तब पुलिस एवं सरकार आक्रमणकारी एवं पीडित का धर्म देखकर ‘कार्रवाई करनी है या नहीं’, यह तय करती है । यह धर्मनिरपेक्षता के नाम पर इस देश के हिन्दुओं को समाप्त करने का षड्यंत्र रचा जा रहा है । यदि आज हिन्दू जागृत नहीं हुए, तो आनेवाले कुछ दशकों में इस खंडित ‘हिन्दुस्थान’ के कई टुकडे हो जाएंगे, यह निश्चित है ! |
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