अगले ६ महीने युद्ध का महासंकट – प्रसिद्ध ज्योतिषी सिद्धेश्वर मारटकर

विभिन्न स्तरों के संकटों के कारण पूरे विश्व में अस्थिरता उत्पन्न होगी ।

ज्योतिषी सिद्धेश्‍वर मारटकर

पुणे – ग्रहों की प्रतिकूल स्थिति के कारण विश्वस्तर पर युद्ध भडक गया है । इस संकट के अगले ६ महीनों तक तो टलने की संभावना नहीं है । विशेषकर १९ मार्च तक युद्ध की तीव्रता बढनेवाली है तथा ‘सितंबर तक विश्व की स्थिति अत्यंत अस्थिर बनी रहेगी, ऐसे स्पष्ट संकेत प्रसिद्ध भविष्यवेत्ता सिद्धेश्वर मारटकर ने दिए हैं । मारटकर द्वारा दिए गए विश्लेषण के अनुसार मार्च महीने में हुए ग्रहणों के परिणाम अगले ६ महिनों तक प्रतीत होंगे ।

मारटकर द्वारा ज्योतिषशास्त्र के अनुसार बताई गईं भविष्य की घटनाएं ।

१. अमेरिका, ईरान, इजरायल, यूरोप एवं अफगानिस्तान इन देशों में युद्ध की चिंगारी भडक गई है । ईरान को चीन का समर्थन प्राप्त है, तो दूसरी ओर पाकिस्तान-अफगानिस्तान के मध्य के संघर्ष के कारण यह युद्ध वैश्विक रूप धारण करेगा, ऐसी संभावना है ।

२. विश्व के बडे पदों पर आसीन व्यक्तियों एवं राष्ट्रप्रमुखों पर प्राणघातक आक्रमण होना, उनके लिए पद त्याग करने की स्थिति आना, साथ ही उनकी दुर्घटना में मृत्यु आने के संयोग बनते हुए दिखाई दे रहे हैं ।

३. केवल युद्ध ही नहीं, अपितु प्राकृतिक एवं आर्थिक स्तरों पर भी भीषण संकट आनेवाले हैं ।

४. कच्चे तेल के मूल्य बढने से सामान्य लोगों को उसका दंश झेलना पडेगा । उसके कारण अनेक देशों में अराजकता की स्थिति उत्पन्न होगी तथा उससे लोग बडी संख्या में सडकों पर उतरेंगे ।

५. वैश्विक व्यापार अस्तव्यस्त होने से शेयर बाजार गिरेगा, परंतु इस अवधि में सोना-चांदी के मूल्य में बडी वृद्धि होनेवाली है ।

६. भारत के पश्चिमी तट पर महाभीषण चक्रवाती तूफान, जबकि उत्तर भारत में भूकंप आने की संभावना है । गैस का रिसाव, रासायनिक प्रतिष्ठानों में विस्फोट तथा विमान दुर्घटनाओं के कारण जनहानि हो सकती है ।

७. भारत की कुंडली में बनी ग्रहस्थिति के अनुसार देश की आर्थिक स्थिति पर प्रतिकूल परिणाम हो सकता है । इस काल में पडोसी देशों में हिंसा की घटनाएं, आगजनी एवं विस्फोटक घटनाएं हो सकती हैं । चलन में परिवर्तन आने की संभावना अस्वीकार नहीं की जा सकती ।

८. इस काल में देश के वरिष्ठ अथवा मान्य व्यक्तियों की दुर्घटनाएं तथा मृत्यु की घटनाओं की संभावना है । उच्च पद पर आसीन व्यक्तियों का त्यागपत्र देना तथा राजनीतिक संन्यास लेने की घटनाएं हो सकती हैं । ग्रहण के कारण धार्मिक-जातीय कलह उत्पन्न होना संभव है तथा बडे नेताओं पर आक्रमण होंगे ।

संपादकीय भूमिका

‘सनातन प्रभात’ने विगत अनेक वर्षाें से आनेवाले महाविनाशकारी आपातकाल के विषय में ‘जनता को आपातकाल की तैयारी कैसे करनी चाहिए ?’, इस विषय में लेखमालाएं प्रकाशित की हैं । अतः जनता को स्वयं की तथा स्वयं के परिवार की रक्षा करने के लिए अब आध्यात्मिक साधना बढाना आवश्यक है ।