(और इनकी सुनिये…) ‘हिन्दू राष्ट्र का स्वप्न देखनेवाले नेपाल से शिक्षा लें !’ – Maulana Arshad Madani

​जमियत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना (इस्लाम के अभ्यासक) अरशद मदनी का द्वेषपूर्ण वक्तव्य

मौलाना अरशद मदनी

​नई देहली – द्वेष का व्यापार करनेवाले तथा हिन्दू राष्ट्र का स्वप्न देखनेवालों को नेपाल के अनुभव से सीखना चाहिए । एक दिन ऐसा निश्चित ही आएगा, जब अत्याचार करनेवालों के गले में शृंखलाएं होंगी तथा देश पुनः प्रेम, आत्मीयता एवं न्याय के मार्ग पर चलकर प्रगति करेगा, ऐसा जमियत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना (इस्लाम के अभ्यासक) अरशद मदनी ने ‘एक्स’ पर कहा ।

मदनी ने आगे कहा कि :

धर्मांध शक्तियां तथा कुछ संगठन हिन्दू राष्ट्र निर्माण का स्वप्न देख रहे हैं; किंतु उन्हें पडोसी देश नेपाल के इतिहास की ओर देखना चाहिए । निकट भूतकाल में नेपाल में भी ऐसी ही विचारधारा के लोगों ने हिन्दू राष्ट्र की स्थापना की थी; परंतु अंततः वह व्यवस्था समाप्त हो गई तथा लोकतांत्रिक संविधान के अंतर्गत नवीन व्यवस्था अस्तित्व में आई । इससे यह स्पष्ट होता है कि वर्तमान वैश्विक परिस्थिति में किसी भी देश की वास्तविक प्रगति, स्थिरता तथा जनकल्याण लोकतांत्रिक व्यवस्था एवं संवैधानिक मूल्यों के संरक्षण से ही सिद्ध होता है; किसी एक धर्म अथवा विचारधारा को राष्ट्र पर थोपने से नहीं ।

​(और इनकी सुनिये…) ‘हिन्दू राष्ट्र बनाने के किसी भी षड्यंत्र को सफलता नहीं मिलेगी !’

देश को हिन्दू राष्ट्र बनाने के किसी भी षड्यंत्र को सफलता नहीं मिलेगी । (कोई कितना भी वक्तव्य दे, परंतु भारत हिन्दू राष्ट्र बने बिना नहीं रहेगा, यह अंतिम सत्य है ! – संपादक) धर्मनिरपेक्षता तथा भारतीय संविधान की रक्षा के लिए जमियत उलेमा-ए-हिंद अंतिम श्वास तक संघर्ष निरंतर रखेगी । इतिहास कहता है कि जो समाज अपनी पहचान, संस्कृति तथा धर्म को सुरक्षित रखते हुए जीना चाहता है, उसे उसके लिए त्याग करना पडता है ।

​इस्लाम का दीपक कभी भी बुझ नहीं सकता !

​धर्मांध शक्तियां इस्लाम एवं मुसलमान, इन दोनों को नष्ट करने का प्रयत्न कर रही हैं; किंतु इस्लाम का दीपक कभी भी बुझ नहीं सकता । जिन्होंने उसे बुझाने का प्रयत्न किया, वे स्वयं ही लुप्त हो गए । हम जीवित समाज हैं; जीवित समाज निराश न होकर समझ, दूरदर्शिता तथा उचित नीति के बल पर सफलता की नवीन गाथा रचते हैं । वर्तमान परिस्थिति के कारण निराश होने की आवश्यकता नहीं है । एक दिन ऐसा निश्चित ही आएगा, जब अत्याचार का अंत होगा और यह देश पुनः प्रेम, सद्भाव एवं न्याय के मार्ग पर आगे बढेगा ।

संपादकीय भूमिका 

  • नेपाल के हिन्दू राष्ट्र से धर्मनिरपेक्ष होने के पश्चात नेपाल की जो स्थिति हुई है, उसे वहां की हिन्दू जनता देख रही है तथा वह पुनः नेपाल को हिन्दू राष्ट्र बनाने हेतु आंदोलन कर रही है । शीघ्र ही नेपाल पुनः हिन्दू राष्ट्र बने बिना नहीं रहेगा, यह मदनी को स्मरण रखना चाहिए !
  • ​मुसलमान अथवा अन्य कोई कितना भी विरोध करे, परंतु भारत हिन्दू राष्ट्र बने बिना नहीं रहेगा, यह उन्हें ध्यान में रखना चाहिए !