(और इनकी सुनिए…) ‘कश्मीर को स्वतंत्रता भीख मांगकर नहीं, अपितु हिन्दुओं के गले काटकर मिलेगी !’ – Terrorist Abu Musa Kashmiri

लश्कर-ए-तैयबा के आतंकवादी अबू मूसा कश्मीरी का भडकाऊ वक्तव्य

आतंकवादी अबू मूसा कश्मीरी

इस्लामाबाद (पाकिस्तान) – कश्मीर समस्या का समाधान केवल आतंकवाद एवं जिहाद के माध्यम से ही हो सकता है । स्वतंत्रता भीख मांगकर नहीं, अपितु हिन्दुओं के गले काटकर मिलेगी । हमें जिहाद का ध्वज उठाना होगा, ऐसा भडकाऊ वक्तव्य लश्कर-ए-तैयबा के आतंकवादी अबू मूसा कश्मीरी ने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में मुसलमानों को संबोधित करते हुए दिया । इसका वीडियो भी सामने आया है; परंतु वह कब का है, यह स्पष्ट नहीं हो पाया है । अबू मूसा लश्कर-ए-तैयबा से संबंधित ‘जम्मू-कश्मीर यूनाइटेड मूवमेंट’ नामक संगठन का सदस्य है । उसका नाम अप्रैल २०२५ में पहलगाम में हुए आतंकवादी आक्रमण से भी जुडा था ।

पाकिस्तानी नेता जिहाद के लिए प्रतिबद्ध नहीं हैं !

अबू मूसा ने वीडियो में पाकिस्तानी नेताओं पर आरोप लगाते हुए कहा कि पाकिस्तान के नेता इस्लामी सिद्धांतों से भटक गए हैं । वे जिहाद के मार्ग पर नहीं चल रहे हैं । जो नेता जिहाद के लिए प्रतिबद्ध नहीं है, उसे पाकिस्तान पर शासन करने का कोई अधिकार नहीं है । उसने यह भी बताया कि इससे पूर्व पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर के मुजफ्फराबाद में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ के साथ हुई बैठक में भी उसने ऐसा ही वक्तव्य दिया था ।

पहलगाम आक्रमण से पूर्व भी दिया था हिन्दुओं को मारने का वक्तव्य

पहलगाम आक्रमण के ४ दिन पूर्व, अर्थात १८ अप्रैल को लश्कर-ए-तैयबा के एक कार्यक्रम में अबू मूसा ने कश्मीर में हिन्दुओं को मारने का उल्लेख किया था । उस वीडियो में मूसा ने कहा था कि गाजा एवं कश्मीर की एक ही समस्या है तथा दोनों समस्याओं का एक ही समाधान है, वह है जिहाद । हमें भीख नहीं, स्वतंत्रता चाहिए । फिलीस्तीन एवं कश्मीर के जो शत्रु हैं, वे हमारे शत्रु हैं । जब इजरायल को घुटने टेकने पर विवश किया, तब कश्मीर में भी वही करेंगे ।

पाकिस्तान में जन्म लेने वाला प्रत्येक बच्चा भारी ऋण के बोझ तले ! – आतंकवादी मोहम्मद राणा

लश्कर-ए-तैयबा के एक अन्य आतंकवादी मोहम्मद अशफाक राणा ने भी कुछ दिनों पूर्व प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ एवं सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर की आलोचना की । उसने कहा था कि यदि अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) से मिली राशि का उचित उपयोग किया होता, तो पाकिस्तान आज सऊदी अरब से भी अधिक सुंदर तथा ब्रिटेन एवं स्पेन जैसे देशों से अधिक विकसित होता । देश की स्थिति निरंतर बिगडती जा रही है । पाकिस्तान में जन्म लेने वाला प्रत्येक बच्चा भारी ऋण (कर्ज) के बोझ तले जन्म ले रहा है । (पाकिस्तान की इस स्थिति के लिए हिन्दू-द्वेष एवं जिहादी आतंकवाद उत्तरदायी है, यह पाकिस्तान की समझ में अभी भी नहीं आ रहा है, इसलिए उसका विनाश निश्चित है ! – संपादक)

संपादकीय भूमिका 

पाकिस्तान के जिहादी आतंकवादी हिन्दुओं के गले काटने की बात करते हैं, इससे यह पुनः सिद्ध होता है कि आतंकवाद का धर्म (पंथ) होता है । ऐसे आतंकवादियों को पाकिस्तान में घुसकर मारने के लिए भारत को निरंतर प्रयत्नशील रहना चाहिए । भारत को अमेरिका एवं इजरायल का आदर्श लेना चाहिए !