Devkinandan Thakurji : सनातन संस्कृति के पुनरुत्थान हेतु ‘सनातन बोर्ड’का गठन कीजिए ! – कथावाचक देवकीनंदन ठाकूर

सनातन संस्कृति के पुनरुत्थान हेतु हरिद्वार में ‘विश्व सनातन महापीठ’ का निर्माण होगा !

कथावाचक देवकीनंदन ठाकूर

हरिद्वार (उत्तराखंड) – स्वतंत्रता से लेकर भारत में मुसलमानों के लिए ‘वक्फ बोर्ड’ है, तो हिन्दुओं के लिए ‘सनातन बोर्ड’ क्यों नहीं हो सकता ? सनातन संस्कृति के पुनरुत्थान के लिए ‘सनातन बोर्डा’का गठन कीजिए, ऐसी मांग सुप्रसिद्ध कथावाचक देवकीनंदन ठाकूर ने यहां की । सनातन संस्कृति के पुनरुत्थान हेतु हरिद्वार में २१ नवंबर को ‘विश्व सनातन महापिठा’का शिलान्यास समारोह उत्साहित वातावरण में संपन्न हुआ । इसमें पूरे देश से आए प्रमुख संत एवं कथावाचक उपस्थित थे । इस समारोह में बोलते हुए कथावाचक देवकीनंदन ठाकूर ने यह मांग की ।

कथावाचक देवकीनंदन ठाकूर ने आगे कहा, ‘‘किसी भी विद्यालय में हिन्दू बच्चों को तिलक लगाने से रोका गया, तो अभिभावकों को विद्यालय जाकर विद्यालय प्रशासन से स्पष्टीकरण मांगना चाहिए । अभिभावक अपने बच्चों को सनातन का केवल उपदेश ही न दें, अपितु उन्हें गर्व के साथ सनातनी बनाएं । ईसाई पंथ के अनुयायियों की तुलना में हिन्दुओं में धार्मिक शिक्षा का स्तर बहुत अल्प है । मुसलमानों के बच्चे मदरसों में जाते हैं; परंतु हमारे बच्चे अंग्रेजी माध्यम के विद्यालयों में जाते हैं, जिहां सनातन के मूल्य सिखाए नहीं जाते । हम यदि अपने बच्चों को श्रीराम, श्रीकृष्ण, रामायण एवं गीता की शिक्षा देते, तो आज मथुरा में भगवान श्रीकृष्ण के भव्य मंदिर का निर्माण हो जाता । हमने धर्म की अपेक्षा पैसे को अधिक महत्त्व दिया, जिससे विकास के नाम पर विनाश हुआ । हमारे सभी तीर्थस्थल मदिरा एवं मांस के दुकानों से मुक्त होने चाहिएं ।’’

१०० एकर भूमि पर बनेगा ‘विश्व सनातन महापीठ !’

‘विश्व सनातन महापीठ’ की परियोजना १०० एकर भूमि पर बनाई जाएगी तथा इसके लिए अनुमानित १ सहस्र करोड रुपए का निवेश किया जाएगा। इस अवसर पर बाबा हठयोगी एवं रामविशाल दास महाराज ने इस परियोजना के विभिन्न उद्देश्यों की जानकारी दी । इस परियोजना में वेद मंदिर एवं शंकराचार्य पीठों के लिए प्रेरणा संकुल, संतों के लिए १०८ आवास, एक स्वरोजगार केंद्र एवं स्थानीय गाय संवर्धन केंद्र का समावेश है ।