साधकों के लिए सूचना !

सप्तर्षि जीवनाडीपट्टिका में किए गए उल्लेख के अनुसार, सर्वत्र के सनातन के साधकों को युद्धकाल के लिए श्रीकृष्ण तथा रामराज्य के लिए श्रीराम के आशीर्वाद प्राप्त होना आवश्यक है । कलियुग में महर्षि नारद के कारण संपूर्ण मानवजाति को ‘हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे । हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे ।।’ यह महामंत्र मिला है । वर्तमान में साधक अपने नियमित जप के साथ-साथ, उपयुर् क्त महामंत्र का प्रतिदिन १०८ बार जप करें । इस महामंत्र के लिए स्थान तथा काल का कोई बंधन नहीं है । सनातन संस्था के संस्थापक सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत आठवलेजी में श्रीराम एवं श्रीकृष्ण, इन दोनों देवताओं के तत्त्व हैं । इसलिए सभी साधक यह महामंत्र जपते समय गुरुदेवजी का स्मरण करें ।
– सप्तर्षी जीवनाडी (पू. डॉ. ॐ उलगनाथनजी द्वारा किया नाडीवाचन,
२०.१०.२०२५)
सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत आठवलेजी के चरणों में कोटि-कोटि प्रणाम !
संपादकीय : आर्थिक अनुशासन
हिन्दू जनजागृति समिति के हिन्दू राष्ट्र संपर्क अभियान अंतर्गत राष्ट्रीय मार्गदर्शक सद्गुरु डॉ. चारुदत्त पिंगळेजी की मध्य प्रदेश यात्रा !
ज्ञानमूर्ति, निर्गुण तत्त्व की नित्य अनुभूति देनेवाले एवं ब्रह्मानंद में निमग्न रहनेवाले सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी
सच्चिदानंद परब्रह्म गुरुदेवजी द्वारा ३० वर्ष पूर्व दिए गए आशीर्वचन को साधक क्षण-क्षण अनुभव कर रहे हैं !
सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी एकमेवाद्वितीय एवं अवतारी पुरुष क्यों हैं ?