PM Modi Diwali Speech : ११ वर्षों में १२५ नक्सलवादग्रस्त जनपद घटकर ११ पर आए !

प्रधानमंत्री मोदी ने ‘आई.एन.एस्. (इंडियन नेवल शिप) विक्रांत’ पर दीपावली मनाते हुए दी सूचना !

प्रधानमंत्री मोदी सैनिकों के साथ

वास्को (गोवा) – आज देश नक्सलवादी आतंक से मुक्त होने के मार्ग पर है । वर्ष २०१४ से पूर्व देशभर के १२५ जनपद माओवादी हिंसा से प्रभावित थे । ११ वर्ष के कठोर परिश्रम के उपरांत यह संख्या न्यून हुई है । अब केवल ११ जनपद ‘माओवादमुक्त’ होने से शेष हैं । १०० से अधिक जनपद ‘माओवादमुक्त’ दीपावली मना रहे हैं — यह सूचना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नौसेना के साथ अरब सागर में भारतीय विमानवाहक युद्धपोत ‘आई.एन.एस्. (इंडियन नेवल शिप) विक्रांत’ पर दीपावली मनाते हुए दी । प्रधानमंत्री ने सैनिकों के साथ दीपावली मनाने का यह १२वां अवसर प्राप्त किया है ।

प्रधानमंत्री मोदी द्वारा प्रस्तुत सूत्र

‘विक्रांत’ ने पाकिस्तान की रात्रि की नींद हर ली !

आपको स्मरण होगा कि जिस दिन देश को स्वदेशी निर्मित ‘आई.एन.एस्. विक्रांत’ प्राप्त हुआ, उसी दिवस नौसेना ने पराधीनता का एक प्रमुख प्रतीक त्याग दिया । छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रेरणा से नौसेना ने एक नवीन ध्वज अंगीकृत किया । आज हमारी युद्धनौका ‘विक्रांत’ आत्मनिर्भर भारत तथा ‘मेड इन इंडिया’ का एक प्रमुख प्रतीक है । ‘विक्रांत’ ने हाल ही में पाकिस्तान की रात्रि की निद्रा हर ली । ‘आई.एन.एस्. विक्रांत’ यह ऐसा नाम है, जिसका उच्चारण ही शत्रु की शांति हर लेने के लिए पर्याप्त है ।

प्रत्येक ४० दिनों में नौसेना में सम्मिलित हो रही है स्वदेशी युद्धनौका !

देशवासियो, जहां कहीं भी आप सुन रहे हैं, वहां यह आंकडे स्मरण रखें । आज हमारी क्षमता क्या है ? औसतन प्रत्येक ४० दिनों में एक स्वदेशी युद्धनौका अथवा पनडुब्बी नौसेना में सम्मिलित की जा रही है । हमारी स्वदेशी ‘ब्राह्मोस’ तथा ‘आकाश’ क्षेपणास्त्रों ने अपनी क्षमता सिद्ध की है । ‘ब्राह्मोस’ का नाम सुनते ही अनेक लोग चिंतित हो जाते हैं । अनेक देश इन क्षेपणास्त्रों को खरीदना चाहते हैं । भारत तीनों सशस्त्र सेनाओं के शस्त्र एवं उपकरण निर्यात करने की क्षमता विकसित कर रहा है । हम प्रमुख निर्यातक देशों में से एक बनने का प्रयास कर रहे हैं । हमारी रक्षा निर्यात ३० गुना बढ़ी है ।

मुझे अपने प्रियजनों के मध्य दीपावली मनाने की आदत है !

प्रधानमंत्री मोदी ने सैनिकों के साथ दिवाली मनाई

दीपावली के समय प्रत्येक व्यक्ति अपने परिवार के साथ यह उत्सव मनाना चाहता है । मुझे भी अपने परिवार में दीपावली मनाने की आदत है । इसी कारण मैं आपके बीच दीपावली मनाने आता हूं । इस समय मैं आपके साथ हूं । जब ‘आई.एन.एस्. विक्रांत’ राष्ट्र को समर्पित की जा रही थी, तब मैंने कहा था — ‘विक्रांत’ एवं ‘विराट’ अद्वितीय हैं । वे केवल युद्धनौकाएं नहीं हैं, अपितु २१वीं शताब्दी के भारत के कठोर परिश्रम एवं प्रभाव का परिणाम हैं ।

मैंने सैनिकों से बहुत कुछ सीखा है !

मैं कल से आपके साथ हूं । मैंने आप में से प्रत्येक से कुछ न कुछ सीखा है । आपका तप, तुम्हारी भक्ति, आपका समर्पण इतना उच्च है कि मैं उसे जी नहीं सका, किन्तु मैंने उसे अनुभव किया । वह जीवन कितना कठिन होगा, इसकी मैं कल्पना कर सकता हूं । आपके समीप होने से मैं आपकी श्वास अनुभव कर सकता हूँ, आपकी दृष्टि में तेज देख सकता हूं ।

नौसेना के साथ दीपावली मनाना, यह मेरा सौभाग्य है !

एक ओर विशाल महासागर है तथा दूसरी ओर भारतमाता के वीर सैनिकों की अपार शक्ति है । एक ओर अनंत आकाश है एवं दूसरी ओर अनंत शक्ति का मूर्त रूप ‘आई.एन.एस्. विक्रांत’ — यह हमारी दिव्य दीपमाला है । यह मेरा सौभाग्य है कि इस समय मैं नौसेना के अपने सभी वीर सैनिकों के साथ दीपावली का पवित्र उत्सव मना रहा हूं ।