(एफएटीएफ अर्थात ‘फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स’ । आतंकवाद को आर्थिक सहायता देनेवाले देशों पर यह वैश्विक संस्था कार्रवाई करती है ।)

नई दिल्ली – ‘फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स’ संस्था के समक्ष भारत, पाकिस्तान को पुनः ‘ग्रे लिस्ट’ (राखाडी सूची) में समाहित करने की अपील कर सकता है । अक्टूबर में एफएटीएफ की पूर्ण बैठक होनेवाली है । इसी बैठक में भारत, पाकिस्तान को ग्रे लिस्ट में डालने के लिए दबाव बना सकता है । इसके लिए भारत अनेक वीडियो और अन्य प्रमाण प्रस्तुत कर सकता है, जिनके आधार पर यह स्पष्ट होगा कि ‘पाकिस्तान ने अब भी जिहादी आतंकवादियों को आर्थिक सहायता देना बंद नहीं किया है ।’ अक्टूबर २०२२ में उसका नाम ग्रे लिस्ट से हटा दिया गया था ।
‘ग्रे लिस्ट’ में समाहित देशों को एफएटीएफ की कडी दृष्टि का सामना करना पडता है । साथ ही आर्थिक अनियमितताओं, आतंकवाद को आर्थिक सहायता तथा परमाणु हथियारों के प्रसार के लिए होनेवाली आर्थिक
सहायता को रोकने की उनकी व्यवस्था में रही नीतिगत कमियों को दूर करने के लिए समय-समय पर उनकी समीक्षा की जाती है । ऐसे देशों को वैश्विक वित्तीय संस्थाओं से निधि प्राप्त करने में भी बडी कठिनाइयों का सामना करना पडता है ।
‘ऑपरेशन सिंदूर’ के उपरांत ऐसे अनेक वीडियो सामने आए थे, जिनमें पाकिस्तान के कई सैन्य कमांडर आतंकवादियों की अंत्ययात्रा में सम्मिलित हुए थे । सामाजिक माध्यमों पर इसके चित्र और वीडियो प्रसारित हुए थे । साथ ही कुख्यात आतंकवादी खुलेआम आतंकवादी गतिविधियों के लिए लोगों से धन देने की अपील करते हुए दिखाई दिए थे ।
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