Prithviraj Chavan Sanatani Atankvad : ३ जिले के शिवसैनिक सड़कों पर !

कांग्रेस के हिन्दूद्वेषी नेता पृथ्वीराज चव्हाण द्वारा ‘सनातनी आतंकवाद’ शब्द प्रयोग किए जाने का प्रकरण

मुंबई – ‘भगवा आतंकवाद’ के स्थान पर ‘सनातनी आतंकवाद’ अथवा ‘हिन्दुत्ववादी आतंकवाद’ कहो — ऐसा हिन्दूद्वेषी वक्तव्य कांग्रेस के नेता एवं भूतपूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने किया था । उनके विरोध में शिवसेना ने दादर सहित महाराष्ट्र के कुछ स्थानों पर तीव्र निषेध आंदोलन किया ।

दादर

इस समय शिवसेना की नेतृई शायना एन्.सी., विधायक डॉ. मनीषा कायंदे तथा नेतृई शीतल म्हात्रे सहित असंख्य शिवसैनिक सड़कों पर उतर आए । पृथ्वीराज चव्हाण के विरोध में घोषणाएं दी गईं । यह मोर्चा तिलक भवन के बाहर पहुंच गया, तब पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया । शिवसैनिकों ने निवेदन देने हेतु तिलक भवन में प्रवेश की मांग की, परंतु पुलिस ने अस्वीकार किया । इस कारण तिलक भवन के बाहर पुलिस व्यवस्था बढ़ाया गया था ।

जालना

यहां भी शिवसेना ने चव्हाण का विरोध करते हुए उनके छायाचित्र के पोस्टर पर जूते मारे । ‘आगामी काल में यदि पृथ्वीराज चव्हाण जालना आए, तो उनके मुख पर कालिख पोतेंगे’, ऐसी चेतावनी भी शिवसैनिकों ने दी ।

ठाणे

‘हिन्दू धर्म का अपमान हम सहन नहीं करेंगे । कांग्रेस द्वारा निरंतर सनातन धर्म का अपमान करने वाले वक्तव्य किए जाते हैं । हिन्दुत्व के विषय में हम यह सहन नहीं करेंगे’, ऐसा कहते हुए यहां शिवसेना की युवासेना द्वारा आंदोलन किया गया । यह आंदोलन युवासेना महाराष्ट्र प्रदेश के सचिव पूर्वेश सरनाईक के नेतृत्व में हुआ । इस अवसर पर कांग्रेस एवं पृथ्वीराज चव्हाण के विरोध में घोषणाएं दी गईं तथा चव्हाण की प्रतिमा को जूतों से मारा गया ।

क्या कहा था पृथ्वीराज चव्हाण ने ?

कांग्रेस के नेता एवं भूतपूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने मालेगांव बमविस्फोट प्रकरण में ७ हिन्दुओं की निर्दोष मुक्तता के पश्चात कहा था —
‘‘भाजपा के लोगों तथा कांग्रेस के लोगों से मेरी विनम्र प्रार्थना है कि कृपया ‘भगवा’ शब्द का प्रयोग न करें । महाराष्ट्र में हमारे लिए ‘भगवा’ एक पवित्र शब्द है । वह स्वातंत्र्य संग्राम का प्रतीक है । छत्रपति शिवाजी महाराज के संघर्ष का ध्वज भगवा है । भगवा रंग, जगद्गुरु तुकाराम महाराज, संतश्रेष्ठ ज्ञानेश्वर तथा वारकरी पंथ का रंग है । वह महाराष्ट्र को अत्यंत प्रिय है । उसे कोई भी राजनीतिक रंग कृपया न दे । यदि कहना ही है, तो ‘सनातनी आतंकवाद’ अथवा ‘हिन्दुत्ववादी आतंकवाद’ कहिए, परंतु ‘भगवा’ मत कहिए ।’’

वक्तव्य के पश्चात नेताओं की प्रतिक्रियाएँ 

🔸 पृथ्वीराज चव्हाण ‘थिंक टँक’ नहीं, अपितु ‘सेप्टिक टँक’ जैसे हैं ! – प्रकाश महाजन, नेता, मनसे

(‘थिंक टँक’ अर्थात् विचारगत, जबकि ‘सेप्टिक टँक’ का अर्थ मलकुंड होता है)

पृथ्वीराज चव्हाण कभी स्वयं को कांग्रेस का ‘थिंक टँक’ मानते थे ; परंतु उन्होंने ‘सनातनी’ शब्द का उपयोग कर यह सिद्ध कर दिया है कि वे कांग्रेस के ‘सेप्टिक टँक’ जैसे बन गए हैं । सुशीलकुमार शिंदे ने ‘भगवा आतंकवाद’ शब्द का प्रयोग किया था । उन्होंने एक साक्षात्कार में कहा था कि यह मुझे मेरे पक्षश्रेष्ठियों ने कहा था । तो क्या कांग्रेस में इतना साहस है कि ‘भगवा आतंकवाद’ के साथ-साथ ‘हरित आतंकवाद’ भी कहने का साहस करें ?

🔸 ऐसे वक्तव्य सहन नहीं किए जाएंगे !– राहुल शेवाळे, भूतपूर्व सांसद, शिवसेना

पृथ्वीराज चव्हाण द्वारा किया गया हिन्दू धर्म का अपमान हम सहन नहीं करेंगे । कांग्रेस निरंतन सनातन धर्म का अपमान करने वाले वक्तव्य देती है । हिन्दुत्व के विषय में यह सहन नहीं किया जाएगा ।

🔸 कांग्रेस–राष्ट्रवादी कांग्रेस द्वारा ‘भगवा आतंकवाद’ का किया गया शब्दप्रयोग न्यायालय में असत्य सिद्ध हुआ । हिन्दुओं को आतंकवादी घोषित करने का षड्यंत्र उजागर हुआ है ! – डॉ. मनीषा कायंदे, विधायक, शिवसेना

🔸 महाविनाश आघाड़ी द्वारा केवल तुष्टीकरण की राजनीति की जाती है । हिन्दुओं का अपमान करना उनके डी.एन्.ए. में समाहित है ! – शायना एन्.सी., नेतृई, शिवसेना

संपादकीय भूमिका

  • हिन्दूबहुल महाराष्ट्र में इस प्रकार हिन्दूद्रोही शब्द उच्चारण कर हिन्दू समाज एवं सनातन हिन्दू धर्म का अपमान करने वालों पर शासन को कठोरतम कार्रवार्ई करनी चाहिए — यही हिन्दुओं की अपेक्षा है !
  • मुसलमानों का तुष्टीकरण करने के लिए कांग्रेसजन हिन्दुओं के विषय में कितने निम्न स्तर तक जाकर वक्तव्य देते हैं एवं उनका अपमान करते हैं, यह इससे स्पष्ट होता है । ऐसे व्यक्तियों से भरी हुई कांग्रेस का राजनैतिक अस्तित्व समाप्त करना अनिवार्य हो गया है !