Arrest RSS Chief : सरसंघचालक को बंदी बनाने का आदेश परमबीर सिंह ने दिया था !

मालेगांव बमविस्फोट २००८

  • आतंकवादविरोधी पथक के तत्कालीन अधिकारी महबूब मुजावर से प्राप्त विवरण

  • भगवा आतंकवाद सिद्ध करने हेतु झूठी जांच करने का आदेश दिया गया !

  • संदीप डांगे एवं रामजी कलसंग्रा की हत्या हुई थी, ऐसी भी सूचना !

बाएं से — मालेगांव बमविस्फोट प्रकरण की जांच करनेवाले तत्कालीन प्रमुख अधिकारी परमबीर सिंह, आतंकवाद विरोधी दल के तत्कालीन अधिकारी महिबूब मुजावर और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के परम पूज्य सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ।

मुंबई – मालेगांव विस्फोट प्रकरण की जांच करनेवाले तत्कालीन प्रमुख अधिकारी परमबीर सिंह ने मुझे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत को बंदी बनाने का आदेश दिया था, साथ ही भगवा आतंकवाद सिद्ध करने के लिए असत्य जांच करने को कहा गया था — ऐसा रहस्योद्घाटन आतंकवादविरोधी दल के तत्कालीन अधिकारी महबूब मुजावर ने किया । मालेगांव बमविस्फोट प्रकरण के निर्णय के उपरांत वे एक समाचारवाहिनी से संवाद कर रहे थे ।

मुजावर आगे बोले,

‘‘इस प्रकरण के आरोपी संदीप डांगे एवं रामजी कलसंग्रा की हत्या हो चुकी है; किंतु ‘वे जीवित हैं’, ऐसा मानकर मुझे जांच करने का आदेश परमबीर सिंह ने दिया था । मैंने सभी असत्य बातों का विरोध किया एवं स्पष्ट कह दिया कि ‘मैं कोई अयोग्य कार्य नहीं करूंगा’ । इसी कारण मुझ पर ही अनेक असत्य प्रकरण प्रविष्ट (दाखिल) किए गए; किंतु अंततः मैं उन सबसे निर्दोष मुक्त हो गया ।’’

संपादकीय भूमिका

  • वरिष्ठ पुलिस अधिकारी अपने पद का दुरुपयोग कर किस प्रकार हिन्दुओं को आतंकवादी ठहराते हैं, यह इससे स्पष्ट होता है ! ऐसे अधिकारियों को आजीवन कारावास का दण्ड मिलना ही चाहिए !
  • इससे पुलिस पर जो थोडा-बहुत विश्वास था वह भी समाप्त हो गया है । ऐसे पुलिसकर्मियों को यदि कोई ‘वर्दीधारी आतंकवादी’ कहे, तो आश्चर्य नहीं होना चाहिए !