मालेगांव बमविस्फोट २००८
|

मुंबई – मालेगांव विस्फोट प्रकरण की जांच करनेवाले तत्कालीन प्रमुख अधिकारी परमबीर सिंह ने मुझे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत को बंदी बनाने का आदेश दिया था, साथ ही भगवा आतंकवाद सिद्ध करने के लिए असत्य जांच करने को कहा गया था — ऐसा रहस्योद्घाटन आतंकवादविरोधी दल के तत्कालीन अधिकारी महबूब मुजावर ने किया । मालेगांव बमविस्फोट प्रकरण के निर्णय के उपरांत वे एक समाचारवाहिनी से संवाद कर रहे थे ।
🚨 Ex-ATS officer Mahboob Mujawar drops a bombshell!
👮♂️ Then-IPS Param Bir Singh ordered the arrest of the Sarsanghchalak Param Pujya (Dr) Mohanji Bhagwat & pushed for a fake “saffron terror” narrative!
🕵️♂️ Mujawar reveals he was told to fabricate evidence. He also claims… pic.twitter.com/yl61ShsGPl
— Sanatan Prabhat (@SanatanPrabhat) August 1, 2025
मुजावर आगे बोले,
‘‘इस प्रकरण के आरोपी संदीप डांगे एवं रामजी कलसंग्रा की हत्या हो चुकी है; किंतु ‘वे जीवित हैं’, ऐसा मानकर मुझे जांच करने का आदेश परमबीर सिंह ने दिया था । मैंने सभी असत्य बातों का विरोध किया एवं स्पष्ट कह दिया कि ‘मैं कोई अयोग्य कार्य नहीं करूंगा’ । इसी कारण मुझ पर ही अनेक असत्य प्रकरण प्रविष्ट (दाखिल) किए गए; किंतु अंततः मैं उन सबसे निर्दोष मुक्त हो गया ।’’
संपादकीय भूमिका
|
बरकतउल्ला विश्वविद्यालय का नाम ‘वाग्देवी भोजपाल विश्वविद्यालय’ होगा!
गुणवत्ता एवं अन्नसुरक्षा के विषय में ‘गोकुल’ संघ की ओर से कभी भी समझौता नहीं किया गया है ।
Bengaluru SIR : कर्नाटक में विशेष पुनरावलोकन प्रक्रिया में उजागर हुआ कि बेंगलुरु में ९७ लाख मतदाताओं में से ४ लाख अवैध
TMC Cut Money : बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के नेता उत्कोच (रिश्वत) के रुपये लोगों को कर रहे हैं वापस !
Delhi Hotel Fire : दिल्ली के होटल में लगी भीषण आग में २१ लोगों की मृत्यु
सर्वोच्च न्यायालय में ५ नए न्यायाधीश, अब एक पद रिक्त !