भारतीयों द्वारा साधना न करने का परिणाम !

सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत आठवलेजी के ओजस्वी विचार

‘धर्मशिक्षा और साधना के अभाव में जनता नीतीविहीन हो गई है, ऐसे भारत में भ्रष्टाचार, बलात्कार, दंगे आदि के अलावा और क्या हो सकता है ?’

सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत आठवले, संस्थापक संपादक, ʻसनातन प्रभातʼ नियतकालिक