
पुणे, २१ अप्रैल (समाचार) – कांग्रेस तथा राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी २६/११ (२६ नवम्बर, २००८) आतंकवादी आक्रमणों में सम्मिलित थीं । हालांकि खुफिया रिपोर्ट में कहा गया था कि आक्रमण एक महीने पहले अक्टूबर में होना था, लेकिन इसे एक महीने पहले ही टाल दिया गया । भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता माधव भंडारी ने कहा कि इतना बड़ा आक्रमण स्थानीय प्रशासन पर प्रभाव रखने वाले व्यक्ति की भागीदारी के बिना नहीं हो सकता । यह विक्रम भावे की पुस्तक ‘दाभोलकर मर्डर एंड मी’ के विमोचन समारोह में किया गया ।
माधव भंडारी का भाषण के बारे में स्पष्टीकरण
इस बयान के बारे में माधव भंडारी ने कहा कि तत्कालीन सरकार ने प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से बताया था कि आक्रमण की आशंका है । ८५ प्रतिशत सीटों के लिए भी जानकारी उपलब्ध करा दी गई । अगर सरकार को आक्रमण के बारे में ५ महीने पहले पता था, तो आक्रमण को रोकने का उत्तरदायित्व तत्कालीन सरकार का था । तो फिर सरकार ने आक्रमण क्यों नहीं रोका ?
जांच करें तथा दोषी पाए जाने वाले के विरुद्ध कार्रवाई करें ! – उपमुख्यमंत्री अजित पवार
उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने कहा कि अगर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी का कोई भी व्यक्ति इस आक्रमण का दोषी है तो उसकी जांच होनी चाहिए और उसके विरुद्ध कार्रवाई की जानी चाहिए ।
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