भारत को भी धन्यवाद दिया
कोलंबो (श्रीलंका) – श्रीलंका के राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे ने १९ फरवरी को ‘इंडिया-लंका’ नामक भारतीय गृह-निर्माण परियोजना के चौथे स्तर का शुभारंभ किया है । श्रीलंका-निवासी तमिल श्रमिकों के लिए भारत के अनुदान की सहायता से १० सहस्र घर निर्माण करने का उद्देश्य है । परियोजना के शुभारंभ के समय भारतीय उच्चायुक्त संतोष झा भी उपस्थित थे । इस परियोजना के अंतर्गत १० जिलों में १ सहस्र ३०० घर निर्माण किए जाएंगे ।
High Commissioner @santjha joined H.E President @RW_UNP, and other dignitaries virtually in a ceremony to launch the construction of 1300 houses. This is the first stage of construction of 10,000 houses in plantation areas through grant assistance from #India. pic.twitter.com/Afv7iuHyaU
— India in Sri Lanka (@IndiainSL) February 19, 2024
इस समय राष्ट्रपति विक्रमसिंघे ने कहा, ‘हमारी सरकार ने देश के अल्पसंख्यक तमिल समुदाय के आर्थिक एवं सामाजिक अधिकारों की रक्षा करने की प्रक्रिया आरंभ की है । इस परियोजना के लिए भारत उदारतापूर्वक सहायता कर रहा है । मैं भारत सरकार एवं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीजी का आभार मानता हूं । गृह-निर्माण परियोजना का प्राथमिक उद्देश्य श्रमिकों को घर उपलब्ध करवाना एवं उसके द्वारा उन्हें सक्षम करना है ।’
श्रीलंका में तमिल लोग राजनीतिक अधिकारों से वंचित हैं !
श्रीलंका में भूमि एवं घर न होने के कारण भारतीय वंश के हिन्दू तमिल समुदाय को असुविधा हो रही है । श्रीलंका की तमिल जनता को राजनीतिक अधिकारों से वंचित रखा जाता है । मई २०१७ में प्रधानमंत्री मोदीजी ने श्रीलंका का दौरा किया था । उस समय इन लोगों के लिए १० सहस्र घर निर्माण करने की घोषणा की थी ।

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