म्यांमार की पूर्व नेता आंग सान सू की को चार वर्ष के कारावास का दंड सुनाया गया है !

सैनिकों ने, सरकार विरोधी शांतिपूर्ण प्रदर्शन करते समय, प्रदर्शनकारियोंको कुचल डाला। कुछ नागरिकों का वाहन के पहियों के नीचे दब कर प्राणांत हो गया। प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी भी की गई।

म्यानमार में सेना का विरोध करने वाले स्वास्थ्य कर्मचारियों पर अत्याचार

म्यानमार में सेना के दमन को देखते हुए वहां मानवाधिकार अस्तित्व में नही, यह स्पष्ट होता है ! इस विषय में विश्व में मानवाधिकार संघठन चुप क्यों है ?