विहिंप का कार्य स्थूल जगत में, तो सनातन का कार्य सूक्ष्म जगत में ! – अधिवक्ता आलोक कुमार, अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष, विश्व हिन्दू परिषद

अधिवक्ता आलोक कुमार ने सनातन के रामनाथी, गोवा स्थित आश्रम में की सदिच्छा भेंट

विश्व हिन्दू परिषद के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष अधिवक्ता आलोक कुमार

रामनाथी, फोंडा ( गोवा ), ९ अप्रैल ( वार्ता ) – सूक्ष्म जगत का अध्ययन एवं मार्गदर्शन करना, यह सनातन संस्था की विशिष्टता है । यह कार्य करते समय परब्रह्म से एकाकार होने की शिक्षा प्राप्त होती है । विश्व हिन्दू परिषद प्रत्यक्ष जगत में कार्यरत संगठन है, जबकि सनातन संस्था का कार्य पारलौकिक (सूक्ष्म) है, ऐसे गौरवपूर्ण उद्गार विश्व हिन्दू परिषद (विहिंप) के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष अधिवक्ता आलोक कुमार ने सनातन संस्था के विषय में यहां व्यक्त किए ।

अधिवक्ता आलोक कुमार का सत्कार करते हुए श्री . वीरेंद्र मराठे ।

सनातन के रामनाथी, गोवा स्थित आश्रम में विहिंप के ‘ संत दर्शन एवं संवाद ’ उपक्रम के अंतर्गत भेंट करने के पश्चात आयोजित सत्कार समारोह में वे बोल रहे थे । इस अवसर पर विहिंप के कोंकण प्रांत के प्रमुख श्री.परशुराम दुबे, विहिंप के गोवा प्रमुख श्री. प्रवास नाईक, विभाग मंत्री श्री. मोहन आमशेकर, महाराष्ट्र एवं गोवा राज्य के धार्मिक विभाग प्रमुख श्री. संजय मुरदाळे, सनातन संस्था के प्रबंधकीय न्यासी श्री. वीरेंद्र मराठे, सनातन के संत पू . पृथ्वीराज हजारे, सनातन के राष्ट्रीय प्रवक्ता श्री.चेतन राजहंस आदि गणमान्य उपस्थित थे । इस समय श्री.चेतन राजहंस ने श्री.आलोक कुमार को सनातन आश्रम में संचालित राष्ट्र एवं धर्म विषयक कार्यों की सविस्तर जानकारी दी ।

अधिवक्ता आलोक कुमार ने आगे कहा,

१. आगामी शताब्दी हिन्दुओं की होगी । इससे पूर्व रूस की थी, वर्तमान में अमेरिका की है; परंतु वह अस्ताचल की ओर है । किसी भी शताब्दी का परिवर्तन ३० से ४० वें वर्ष में होता है । तदनुसार आगामी शताब्दी हिन्दुओं की, भारत की होगी । वैसा परिदृश्य भी दृष्टिगोचर हो रहा है ।

२. देशभर के समस्त छोटे बड़े हिन्दू संगठन अपने – अपने स्तर पर हिन्दू धर्म हेतु कार्य कर रहे हैं । विहिंप द्वारा भी घरवापसी (धर्मांतरित हिन्दुओं को पुनः हिन्दू धर्म में लाना) का कार्य व्यापक स्तर पर प्रगति पर है । इसके साथ ही हम धर्मांतरण रोकने का कार्य भी कर रहे हैं ।

३. भाजपा शासित राज्य भी धर्मांतरण विरोधी, गोहत्या बंदी आदि नियम बनाकर शासन स्तर पर प्रयास कर रहे हैं ।

४. वर्तमान में परिवारों में पूर्ववत संस्कारों का अभाव होने से, तथा परिवार के सदस्यों के मध्य परस्पर संवाद लुप्त होने के कारण पारिवारिक हानि हो रही है । इसे संज्ञान में लेते हुए विहिंप पारिवारिक संवाद स्थापित करने हेतु उपक्रम संचालित कर रही है । हम वेदों का भी प्रचार कर रहे हैं ।

उपस्थित जनसमूह को मार्गदर्शित करते हुए अधिवक्ता आलोक कुमार ।

१० वर्षों में काशी एवं मथुरा मुक्त होंगे ! – अधिवक्ता आलोक कुमार

इस अवसर पर अधिवक्ता आलोक कुमार ने कहा, ‘‘काशी एवं मथुरा इन धार्मिक स्थलों के तथ्य एवं साक्ष्य पूर्णतः हमारे पक्ष में हैं । न्यायालय में इस विषय पर संघर्ष चल रहा है । एक अधिवक्ता के रूप में मैं कहूंगा कि, जिस प्रकार अयोध्या का श्रीराम मंदिर मुक्त हुआ, उसी प्रकार आगामी १० वर्षों में काशी एवं मथुरा भी मुक्त होंगे । ’’

इस प्रसंग पर श्री.वीरेंद्र मराठे ने अधिवक्ता आलोक कुमार का शाल, श्रीफल एवं सनातन के ग्रंथ भेंट कर सत्कार किया । इसके साथ ही अन्य गणमान्यों का भी सम्मान किया गया । इस अवसर पर गोवा के चिन्मय मिशन के प्रमुख स्वामी सुघोशानंद, विहिंप के कोंकण प्रांत के धर्माचार्य संपर्क प्रमुख श्री.चंद्रप्रकाश पांडे, जिला धर्माचार्य संपर्क प्रमुख श्री. पांडुरंग थोरात, श्री. नवलकिशोर पुराणिक, विभाग संगठन मंत्री श्री.बिस्वेंदु विश्वास, विहिंप के गोवा विभाग मठ – मंदिर प्रमुख श्री.शाम नाईक, धर्माचार्य संप्रदाय प्रमुख श्री. विश्वजी मेवालाल, प्रांत सदस्य श्री.नितिन भोसके, माध्यम प्रमुख श्री.ब्रिजेश शुक्ला, अधिवक्ता गणेश सुर्वे, विहिंप की कोंकण प्रांत की साध्वी प्रमुख शुभांगी जोशी उपस्थित थीं ।