देश के सभी हिन्दू मंदिर हिन्दुओं को ही सौंपे जाएं ! – विश्व हिन्दू परिषद (VHP) की सरकार से मांग

“चर्च एवं मस्जिदें सरकारी नियंत्रण में नहीं हैं, तो केवल मंदिर ही क्यों ?” - महासचिव मिलिंद परांडे का सरकार से प्रश्न

मिलिंद परांडे

शिर्डी (अहिल्यानगर) — देश के सभी हिन्दू मंदिर हिन्दुओं को ही सौंप दिए जाने चाहिए । मंदिरों का प्रबंधन करना सरकार अथवा न्यायालय का कार्य नहीं है । कोई भी चर्च या मस्जिद सरकार के नियंत्रण में नहीं है, तो केवल हिन्दू मंदिरों का ही सरकारीकरण क्यों किया गया है ? ऐसा स्पष्ट प्रश्न विश्व हिन्दू परिषद के केंद्रीय संगठन महामंत्री श्री मिलिंद परांडे ने उपस्थित किया । वे शिर्डी में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे ।

मंदिरों का प्रबंधन हिन्दू ही करेंगे !

श्री मिलिंद परांडे ने कहा कि, “ हिन्दू मंदिरों का प्रबंधन हिन्दू ही करेंगे”, इस विचार के साथ देश की विभिन्न हिन्दू संस्थाएं एकत्रित हुई हैं । इस विषय पर हम देश के सभी सांसदों तथा मुख्यमंत्रियों से भेंट कर जनजागरण कर रहे हैं । वर्ष के अंत तक सभी जनप्रतिनिधि लोकसभा तथा विधानसभाओं में ‘मंदिर मुक्ति’ का विषय उठाएंगे ।

‘लव जिहाद’ रोकने के लिए देश में ‘धर्मस्वातंत्र्य कानून’ आवश्यक !

परांडे ने आगे कहा कि, देश में एक विशेष वर्ग द्वारा योजनाबद्ध तरीके से ‘लव जिहाद’ की घटनाएं घटित की जा रही हैं । इसके विरोध में हिन्दू समाज को सशक्त होना आवश्यक है । विदेशी मिशनरियों को धर्मांतरण हेतु मिलने वाले निधि पर पूर्णतः प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए ।

संसद में प्रस्तुत आंकडों के अनुसार, पिछले वर्ष एफ.सी.आर.ए. (Foreign Contribution Regulation Act अर्थात् विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम) के अंतर्गत मिशनरियों को १८ हजार करोड रुपये प्रदान किए गए । हिन्दू धर्म के विरोध में धन दिया जा रहा है । इस पर प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए । धर्मरक्षा हेतु प्रत्येक राज्य में विधेयक पारित होना चाहिए । भाजपा-शासित राज्यों द्वारा लागू किए गए ‘धर्मस्वातंत्र्य कानून’ को अब पूरे देश में लागू किए जाने की मांग उन्होंने की ।

बंगाल में परिवर्तन देश की सुरक्षा के लिए सहायक !

बंगाल में पहली बार भाजपा की सत्ता आने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि, “ हिन्दू हित ही राष्ट्रहित है।” बंगाल में बांग्लादेशी घुसपैठियों के कारण आंतरिक सुरक्षा का गंभीर प्रश्न उत्पन्न हो गया था । अब वहां हिन्दुत्वनिष्ठ विचारों वाली सरकार आने से देश की सीमाएं तथा सुरक्षा अधिक सुदृढ होगी ।