केंद्रसरकार ने सर्वोच्च न्यायालय में स्पष्ट की अपनी भूमिका !

देहली – फरवरी २०१९ में पुलवामा में हुए आतंकवादी आक्रमण के कारण जम्मू-कश्मीर से धारा ३७० हटानी पडी, ऐसी भूमिका केंद्रसरकार ने सर्वोच्च न्यायालय में स्पष्ट की । धारा ३७० हटाने के विरोध में प्रविष्ट की गई याचिका की सुनवाई के समय केंद्रसरकार द्वारा यह युक्तिवाद किया गया ।
Pulwama terror strike forced govt to decide on scrapping Article 370: SG tells Supreme Court https://t.co/sGJE64Eqz2
— The Times Of India (@timesofindia) August 29, 2023
जम्मू-कश्मीर में ‘नैशनल कॉन्फरन्स’ एवं पीपल्स डेमोक्रैटिक पार्टी द्वारा (पीडीपी द्वारा) केंद्रसरकार के धारा ३७० हटाने के निर्णय के विरोध में सर्वोच्च न्यायालय में याचिका प्रविष्ट की गई । गत ११ दिनों से इस याचिका पर सुनवाई शुरू है । २८ अगस्त को हुई सुनवाई में सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने केंद्रसरकार की ओर से युक्तिवाद किया ।
‘१४ फरवरी २०१९ को पुलवामा में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सी.आर्.पी.एफ्.) के सैनिकों की फौज पर हुए आक्रमण के पश्चात केंद्रसरकार ने ३७० हटाने का निर्णय लिया । सॉलिसिटर जनरल मेहता ने स्पष्ट किया कि जम्मू-कश्मीर का विशेष राज्य का दर्जा समाप्त कर उसका समावेश शेष भारत में करना एवं देश का सार्वभौमत्व अबाधित रखना, यह इसके पीछे के २ मुख्य उद्देश्य थे !’
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