
झारखंड – यहां की सरकार ने जैन समुदाय की दृष्टि से अत्यंत पवित्र तीर्थस्थल झारखंड राज्य में स्थित ‘सम्मेद शिखरजी’ को व्यावसायिक दृष्टि से पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया था । इसके संदर्भ में केंद्र शासन द्वारा वर्ष २०१९ में निकाली गई अधिसूचना के कुछ प्रावधान वापस लिए जाने से झारखंड सरकार का धार्मिक स्थल को पर्यटन स्थल बनाने का षड्यंत्र विफल हुआ । इसके लिए हम केंद्र सरकार का अभिनंदन करते हैं । इसके साथ ही धार्मिक स्थल ‘सम्मेद शिखरजी को ‘तीर्थक्षेत्र’ के रूप में घोषित किया जाए’ ऐसी मांग समिति द्वारा भारत सरकार को निवेदन देकर की गई ।

पाकिस्तान के सिंजोरो शहर में श्रीमती दया भील नामक विधवा हिन्दू महिला की अत्यंत क्रूरतापूर्ण हत्या की गई । भारत सरकार इस प्रकरण का गंभीरता से संज्ञान लेकर ‘संयुक्त राष्ट्रसंघ’ में पाकिस्तानी हिन्दुओं पर हो रहे अत्याचार दूर करने की भूमिका रखकर इसके लिए पाकिस्तान पर वैश्विक प्रतिबंध करने की मांग करे, ऐसी मांग भी इस निवेदन में की गई ।

गणतंत्र दिवस पर राष्ट्रध्वज का होनेवाला अपमान रोकने के लिए न्यायालय के आदेशानुसार, तथा केंद्र सरकार के प्लास्टिक बंदी के निर्णयानुसार ‘प्लास्टिक के राष्ट्रध्वज’ एवं ‘तिरंगा मास्क’ का विक्रय करने पर रोक लगाई जाए, तथा इसका उपयोग करनेवालों पर अपराध प्रविष्ट किए जाएं ।
इन सभी विषय के लिए हिन्दू जनजागृति समिति द्वारा प्रशासन को निवेदन देकर यह मांग की गई है । इस समय हिन्दुत्वनिष्ठ सर्वश्री एस.के. भद्रा, जयंत दास, डी.टी.वी. प्रसाद, जॉय चक्रवर्ती, बी. अश्विनी, श्रीमती संगीता महापात्र, आनंद महाराणा एवं समिति के कार्यकर्ता आदि उपस्थित थे ।
उत्तर प्रदेश में राष्ट्रध्वज के सम्मान हेतु निवेदन प्रस्तुत१. नोएडा में नगर दंडाधिकारी कार्यालय एवं मथुरा के नगर अधिकारी सौरभ दुबे को ज्ञापन प्रस्तुत किया गया । २. वाराणसी, गाजीपुर तथा बिहार के जमुई जिले में ज्ञापन दिए गए । |
Dabur : ‘डाबर’ प्रतिष्ठान के पैकेटबंद मौसमी जूस में काला फफूंद मिला ।
Karnataka AI University : बेंगलुरु में देश का पहला सरकारी ‘एआई’ विश्वविद्यालय प्रारम्भ किया जाएगा ।
हिन्दु विवाह अधिनियम के अनुसार विवाह को वैध ठहराने के लिए केवल विवाह प्रमाणपत्र होना पर्याप्त नहीं है ।– Gujrat High Court
जम्मू न्यायालय ने पुलिस से अभिलेख की मांग की ।
हडपसर में हिन्दुत्वनिष्ठ कार्यकर्ता की साहिल शेख एवं उसके गुंडों द्वारा नृशंसता से पिटाई !
Three Language Policy : क्या अंग्रेजी को भारत की ही स्थानीय भाषा माना जा सकता है – सर्वोच्च न्यायालय का प्रश्न