
रामनाथी (फोंडा, गोवा) – ‘‘प्रारब्धभोग भोगना तथा ईश्वरप्राप्ति करना ही मनुष्यजीवन का लक्ष्य है, उसे साध्य करने के लिए साधना करना ही आवश्यक है । सामान्य रूप से भौतिक विषयों में सुख ढूंढने का प्रयास किया जाता है; परंतु वास्तव में भौतिक विषयों से मिलनेवाला सुख अल्पकालीन होता है । इसलिए चिरंतन टिके रहनेवाला सर्वाेच्च सुख अर्थात आनंद तो केवल साधना करने से ही मिलता है ।’’ ६३ प्रतिशत आध्यात्मिक स्तर प्राप्त हिन्दू जनजागृति समिति के जिला समन्वयक श्री. वैभव आफळे ने यह मार्गदर्शन किया ।

यहां के सनातन के आश्रम में २ दिसंबर से ३ दिवसीय ‘साधना शिविर’ का आरंभ हुआ, उसमें वे ऐसा बोल रहे थे । इस शिविर में गोवा, महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान एवं मध्य प्रदेश के जिज्ञासु सहभागी हुए थे ।
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