सोलापुर में अनाधिकृत चर्च तथा नगरमहापालिका कर्मी के कुकृत्यों की जांच होगी । – Ashish Jaiswal

  • हिन्दू जनजागृति समिति तथा हिन्दू राष्ट्र सेना के निरंतर प्रयासों को सफलता ।

  • सोलापुर नगरमहापालिका आयुक्त के पश्चात राज्य सरकार भी सक्रियता की मुद्रा में ।

विधि एवं न्याय राज्यमंत्री आशीष जायसवाल को ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए हिन्दू जनजागृति समिति के पदाधिकारी

सोलापुर, ३० जून (वार्ता) – नगर के बापूजीनगर स्थित शासकीय समाजमंदिर का अवैध रूप से ‘चर्च’ के रूप में उपयोग करने, क्षेत्र में धार्मिक वैमनस्य उत्पन्न करने तथा हिन्दू आरक्षण का दुरुपयोग कर शासकीय सेवा प्राप्त करने वाले सोलापुर नगरमहापालिका के स्वास्थ्य विभाग के लिपिक दत्तात्रय कानेपागूल उर्फ येहान मार्क कानेपागूल के कथित कुकृत्यों की गहन जांच करने का आदेश सोलापुर नगरमहापालिका आयुक्त डॉ. सचिन ओम्बासे ने दिया है । इस संदर्भ में आयुक्त ने सामान्य प्रशासन विभाग की उपायुक्त श्रीमती सोनाली यादव को शीघ्र प्रतिवेदन प्रस्तुत करने का लिखित आदेश दिया है ।

इस प्रकरण के विषय में हिन्दू राष्ट्र सेना एवं हिन्दू जनजागृति समिति ने निरंतर प्रयास किए थे । इस विषय की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए सोलापुर के पूर्व मंत्री एवं भाजपा विधायक सुभाष देशमुख ने सोलापुर नगरमहापालिका आयुक्त से इस प्रकरण की त्वरित जांच करने की मांग की थी । उसे सकारात्मक प्रतिसाद प्राप्त हुआ है ।

इस प्रकरण की गंभीरता को संज्ञान में लेते हुए राज्य के विधि एवं न्याय राज्यमंत्री श्री.आशीष जायसवाल ने इस प्रकरण में प्रत्यक्ष हस्तक्षेप करते हुए सोलापुर के जिलाधिकारी को संपूर्ण प्रकरण की गहन जांच कर तत्काल प्रतिवेदन प्रस्तुत करने का आदेश दिया है । नगरमहापालिका आयुक्त तथा राज्यमंत्री, दोनों के द्वारा एक ही समय पर जांच चक्र गतिशील करने के कारण अब इस प्रकरण की सभी दृष्टिकोणों से जांच होना सुनिश्चित हो गया है ।

शासकीय भवन पर प्रत्यक्ष अतिक्रमण

सोलापुर नगरमहापालिका ने शासकीय समाजमंदिर केवल सामाजिक, सांस्कृतिक तथा शैक्षणिक गतिविधियों के लिए पट्टे (भाडे ) पर दिया था । इस अनुबंध की अवधि समाप्त हो चुकी है, साथ ही मूल अनुबंध के अनेक प्रतिबंधों एवं शर्तों की अवहेलना कर इस सार्वजनिक भवन को अवैध रूप से ‘चर्च’ का स्वरूप देना प्रत्यक्ष ‘वैधानिक अतिक्रमण’ सिद्ध होता है । क्षेत्र के नागरिकों को ध्वनि-विस्तारक यंत्र (लाउडस्पीकर) के तीव्र स्वर से पीडित करने, निर्धन हिन्दुओं का धर्मांतरण करने, धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाले वक्तव्य देने आदि अनेक कुकृत्यों के वहां होने की शिकायतें हैं ।

नगरमहापालिका कर्मी कानेपागूल ने ‘हिन्दू मोची’ समाज के आरक्षण का लाभ उठाकर शासकीय सेवा प्राप्त की,परंतु वर्तमान स्थिति में उसने ईसाई धर्म स्वीकार कर लिया है तथा वह ‘जीजस गॉस्पेल सोसाइटी’ का मुख्य ‘पॉस्टर (धर्मप्रचारक) के रूप में कार्य कर रहा है । शासकीय सेवा में रहते हुए दोहरा लाभ उठाना, शासन के साथ धोखाधडी करने वाला एक गंभीर अपराध है ।

राष्ट्रपुरुषों की जयंती मनाने पर प्रतिबंध

इस सार्वजनिक समाजमंदिर में स्थानीय नागरिकों को भारतरत्न डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर तथा जांबमुनी महाराज की जयंती मनाने से प्रतिबंधित किया जाता है । इसी प्रकार, ध्वनि-विस्तारक यंत्र लगाकर हिन्दू देवी-देवताओं के विषय में अत्यंत आपत्तिजनक वक्तव्य देकर सामाजिक सौहार्द को बिगाडने का योजनाबद्ध प्रयास चल रहा है ।

हिन्दू जनजागृति समिति की मुख्य मांगें

हिन्दू जनजागृति समिति ने मुख्य मांग की है कि ‘जीजस गॉस्पेल सोसाइटी’ का नगरमहापालिका के साथ हुआ पट्टा-अनुबंध निरस्त कर उसे तत्काल तालाबंद किया जाए तथा उसे सार्वजनिक उपयोग के लिए मुक्त किया जाए । ‘महाराष्ट्र नागरिक सेवा नियम, १९७९’ का उल्लंघन करने के कारण महानगरपालिका कर्मी कानेपागूल को सेवा से तत्काल पदच्युत किया जाए । इसके साथ ही, अनुसूचित जाति के आरक्षण का दुरुपयोग करने के कारण उसके जाति प्रमाणपत्र की पुनर्जांच कर शासन के साथ कपट करने के विषय में उसके विरुद्ध कठोर आपराधिक मामले पंजीकृत किए जाएं । (ऐसी मांगें क्यों करनी पडती हैं ? प्रशासन को स्वतः ही संज्ञान लेकर कार्यवाही करनी चाहिए – संपादक)

हिन्दू जनजागृति समिति के महाराष्ट्र एवं छत्तीसगढ राज्य संगठक श्री.सुनील घनवट ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा है, ‘‘प्रशासन तथा विधि एवं न्याय राज्यमंत्री द्वारा दिए गए जांच के आदेशों का हम स्वागत करते हैं । अब प्रशासन बिना किसी विलंब के आगामी १५ दिनों में संबंधित अनधिकृत चर्च के भवन को ‘सील’ करे एवं दोषियों पर कठोर वैधानिक कार्यवाही करे, अन्यथा लोकतांत्रिक मार्ग से आंदोलन आरंभ किया जाएगा ।’’