भ्रष्ट अधिकारियों की उच्चस्तरीय जांच की मुख्यमंत्री द्वारा घोषणा !

मुंबई, ७ जुलाई (वार्ता.) – परिवहन विभाग के सेवानिवृत्त एवं वर्तमान में कार्यरत कुछ अधिकारियों के भ्रष्टाचार में संलिप्त होने की सूचना स्वयं परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने सदन में दी । इस विषय में ३ दिन पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को अवगत कराए जाने की बात भी प्रताप सरनाईक ने सदन में बताई । इस संदर्भ में मुख्यमंत्री ने परिवहन विभाग के भ्रष्टाचार की उच्चस्तरीय जांच करने की घोषणा विधानसभा में की ।
सेवानिवृत्त परिवहन अधिकारी बजरंग खरमाटे, अकोला के प्रादेशिक परिवहन अधिकारी रवींद्र भुयार, अमरावती के निलंबित मोटर वाहन निरीक्षक राजू नागरे, गोंदिया के मोटर वाहन निरीक्षक आनंद मोहोड एवं खामगांव के निलंबित मोटर वाहन निरीक्षक योगेश खेसनार नामक अधिकारी परस्पर मिलकर अवैध रूप से धन की वसूली कर रहे हैं, ऐसा आरोप कांग्रेस के विधायक विजय वडेट्टीवार ने ७ जुलाई को तारांकित प्रश्न के माध्यम से उपस्थित किया ।
दोषियों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी ! – प्रताप सरनाईक, परिवहन मंत्री
इस पर मंत्री सरनाईक ने कहा कि भारतीय प्रशासनिक सेवा की अधिकारी प्रियंका ननावरे की अध्यक्षता में ३ सदस्यीय विशेष अन्वेषण दल (SIT) द्वारा इस प्रकरण की जांच की जाएगी । बजरंग खरमाटे के विषय में पूर्व में प्राप्त शिकायतों के आलोक में इस प्रकरण की आर्थिक अपराध शाखा द्वारा जांच प्रारंभ कर दी गई है । विशेष अन्वेषण समिति का प्रतिवेदन (रिपोर्ट) एक मास में प्राप्त हो जाएगा । उसके बाद दोषियों पर कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी । महाराष्ट्र में रहकर अन्य राज्यों में वाहन पंजीकरण कराने वाले कर-चोरों पर अंकुश लगाने के लिए नियमों को और अधिक कठोर किया जाएगा । भविष्य में वाहन पंजीकरण करते समय बैंक ऋण, स्थानीय निवास का प्रमाण तथा जी.एस.टी. सत्यापन की सूक्ष्मता से जांच करने वाली सक्षम प्रणाली का निर्माण किया जाएगा ।
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जांच कर त्वरित कार्रवाई करने का मुख्यमंत्री का आदेश !