US Iran War : अमेरिका द्वारा ईरान के ८० से अधिक सैन्य ठिकानों पर आक्रमण l

करारा उत्तर देने की ईरान की चेतावनी !

तेहरान (ईरान) – अमेरिका ने युद्धविराम का उल्लंघन करते हुए ८ जुलाई की भोर में ईरान पर हवाई आक्रमण किया । अमेरिका के ‘सेंट्रल कमांड’ की सूचना के अनुसार ईरान के ८० से अधिक सैन्य ठिकानों को लक्ष्य बनाया गया । ईरान की सेना ने चेतावनी दी है कि ‘यह दोनों देशों के मध्य हुए समझौते का उल्लंघन है तथा अमेरिका को इसका करारा उत्तर दिया जाएगा’ ।

१. अमेरिका का कथन है कि यह कार्रवाई हॉरमुज जलडमरूमध्य (२ जलाशयों को जोडने वाले जलमार्ग) से जाने वाली ३ नौकाओं पर हुए आक्रमणों के प्रतिशोध में की गई है । अमेरिका ने इस आक्रमण के लिए ईरान को उत्तरदायी ठहराया है ।

२. इस हवाई आक्रमण में ईरान की वायु रक्षा प्रणाली (एयर डिफेंस सिस्टम), ‘कमांड एंड कंट्रोल सेंटर’, तटीय रडार, भूमि से आकाश में प्रहार करने वाले प्रक्षेपास्त्र (मिसाइल), एंटी-शिप प्रक्षेपास्त्र प्रणाली, ड्रोन प्रक्षेपण स्थल (लॉन्च साइट्स) तथा ६० से अधिक सैन्य नौकाओं को लक्ष्य बनाया गया । ईरानी प्रसार माध्यमों के अनुसार सीरिक, केशम द्वीप तथा बंदर अब्बास में अनेक विस्फोट हुए तथा कुछ स्थानों पर आग लग गई ।

हॉरमुज में ईरान द्वारा तीन नौकाओं को लक्ष्य बनाया गया

खामेनेई की अंत्येष्टि की प्रक्रिया चल रही थी, तभी ईरान ने हॉरमुज जलडमरूमध्य में ३ नौकाओं को लक्ष्य बनाया । इनमें से एक नौका कतर की थी । ईरान ने चेतावनी दी कि यदि उसके द्वारा निश्चित किए गए मार्गों का पालन नहीं किया गया, तो सुरक्षा की कोई प्रत्याभूति (गारंटी) नहीं दी जा सकती ।

ईरान द्वारा नौकाओं पर किए गए आक्रमणों की कतर द्वारा निंदा

हॉरमुज जलडमरूमध्य में अपनी नौकाओं पर किए गए आक्रमणों की कतर ने निंदा की तथा इसके लिए ईरान को पूर्ण रूप से वैधानिक (कानूनी) रूप से उत्तरदायी ठहराया । कतर ने यह भी कहा कि ईरान के ये आक्रमण अंतर्राष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा के लिए संकट उत्पन्न कर रहे हैं ।

धमकियों के वातावरण में अमेरिका से कोई वार्ता नहीं ! – ईरान

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने स्पष्ट किया कि धमकियों के वातावरण में कोई भी समझौता नहीं हो सकता; अमेरिका को सर्वप्रथम वर्तमान समझौतों का पालन करना चाहिए ।