Canada Nijjar killing: खलिस्तानी आतंकवादी निज्जर की हत्या में भारतीय अधिकारियों का कोई हाथ नहीं था !

  • अमेरिकी जांच सुरक्षा संस्थाओं ने कनाडा का मिथ्या कथन उजागर किया !

  • हत्या में लॉरेंस बिश्नोई एवं गोल्डी बरार, गुडों की टोली का हाथ l

खालिस्तानी आतंकवादी हरदीप सिंह निज्जर

वॉशिंगटन (अमेरिका) – अमेरिकी जांच सुरक्षा संस्थाओं ने कनाडा में हुए खालिस्तानी आतंकवादी हरदीप सिंह निज्जर हत्या प्रकरण के संबंध में बडा प्रकटीकरण किया है । अमेरिका के न्याय विभाग ने घोषणा की है कि, “भारत के कारावासों में बंद लॉरेंस बिश्नोई एवं गोल्डी बरार गुडों की टोली ने निज्जर की हत्या का षड्यंत्र रचा था ।” इससे यह स्पष्ट हुआ है कि इस प्रकरण में भारत की कोई भागीदार नहीं थी । निज्जर हत्या के प्रकरण पर कनाडा ने भारतीय दूतावास के अधिकारियों पर आरोप लगाए थे एवं इससे भारत के साथ कनाडा के संबंध बहुत तनावपूर्ण हो गए थे । कनाडा के पूर्व प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने संसद में घोषणा की थी कि कनाडा की सुरक्षा संस्थाओं के पास ऐसी गुप्त जानकारी है, जिससे निज्जर हत्या में भारत का हाथ होने का संदेह लगता है । इस पर भारत ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की थी एवं इन आरोपों को निराधार बताते हुए ठोस साक्ष्य प्रस्तुत करने को कहा था ।

इस संदर्भ में न्यायालय में आरोप पत्र प्रविष्ट किया गया है । आरोप पत्र के अनुसार ३ वर्ष पूर्व १८ जून के दिन कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया में एक गुरुद्वारे के बाहर हरदीप सिंह निज्जर की हत्या का षड्यंत्र रचा गया था । इस आरोप पत्र में भारत में कई अपराधों में सम्मिलित बताए गए लॉरेंस बिश्नोई, गोल्डी बरार, रोहित गोदारा एवं जग्गू भगवानपुरिया के नाम भी हैं । ये गुडों की टोली केवल भारत में सुपारी देकर हत्या करने, मादक पदार्थों एवं शस्त्रों के अवैध व्यापार, मुक्ति-मूल्य वसूलने एवं आर्थिक अपराध करने तक सीमित नहीं हैं, अपितु इनकी पहुंच अमेरिका, कनाडा, यूरोपीय देशों के साथ-साथ ऑस्ट्रेलिया एवं न्यूजीलैंड तक भी विस्तारित हो चुकी है ।

अमेरिकी वैश्विक कार्रवाई

अमेरिकी जांच संस्थान एफ.बी.आई. (FBI) ने वैश्विक स्तर पर कार्रवाई करते हुए ७ जुलाई २०२६ को लॉरेंस बिश्नोई सहित कई टोलियोंके विरुद्धअभियान चलाया एवं लगभग २४ लोगों को बंदी बनाया है । सुरक्षा संस्थाओं की जानकारी के अनुसार १० आरोपी अभी भागे हुए हैं । इनमें बताया गया है कि ७ आरोपी अमेरिका में, २ भारत में एवं १ यूरोप में छिपे हुए हैं । बंदी बनाए गए लोगों में अमेरिका के १३ आरोपी सम्मिलित हैं, जिनमें कैलिफ़ोर्निया में ११, इंडियाना में १ एवं जॉर्जिया में १ आरोपी है । कनाडा में ३ एवं स्पेन में सुरक्षा संस्थाओ ने १ एक को बंदी बनाया है । सुरक्षा संस्थाओं ने लगभग १,००० किलो कोकिन, १ किलो हैरोइन, ४०,००० अमेरिकी डॉलर एवं १२ अवैध शस्त्र हस्तगत किए हैं ।

संपादकीय भूमिका

निरंतर इस प्रकरण में भारत पर आरोप लगाने वाले कनाडा के पूर्व प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो क्या अब सार्वजनिक रूप से क्षमा याचना करेंगे ?