प्रतिदिन अवैध होर्डिंग्ज को हटाना नगरमहापालिका के लिए सिरदर्द ।
(होर्डिंग का अर्थ है बडे फलक)
श्री. प्रीतम नाचणकर, विशेष प्रतिनिधि, दैनिक ‘सनातन प्रभात’, मुंबई

मुंबई, ५ जुलाई (संवाददाता) – महाराष्ट्र के मंत्रालय परिसर में नियमित रूप से राजनेताओं के सैकडों अवैध होर्डिंग लगाए जा रहे हैं । इन होर्डिंग्ज को एक बार हटाने पर दूसरे दिन उसी स्थान पर पुनः नए होर्डिंग लगाए जाते हैं तथा यह सामान्य बात बन चुकी है । इसलिए अवैध होर्डिंग्ज हटाना मुंबई महानगरपालिका प्रशासन के लिए सिरदर्द सिद्ध हो रहा है । इसमें प्रशासन का मानव संसाधन, समय एवं पैसा व्यर्थ हो रहा है ।
सार्वजनिक स्थान पर अवैध होर्डिंग लगाने पर कार्यवाही करने के आदेश मंत्रालय से ही निकाले जाते हैं । परंतु मंत्रालय के प्रवेश द्वारों के बाहर एवं परिसर में सैकडों होर्डिंग लगाए जा रहे हैं । मंत्रालय के बाहर लगे ये अवैध होर्डिंग्ज तो ‘दीपक के नीचे अंधेरा’ की स्थिति स्पष्ट करते हैं ।
अवैध होर्डिंग हटाने का काम दिनभर करना पडता है – मुंबई महानगरपालिका कर्मचारी
इसविषय में होर्डिंग हटानेवाले कर्मचारियों ने बताया, ‘‘मंत्रालय के परिसर से लेकर कुलाबा तक मुंबई महानगरपालिका की एक मालढुलाई की गाडी नियमितरूप से अवैध होर्डिंग हटाने के लिए चलती है । इस गाडी के साथ ४-५ कर्मचारियों को यह काम करने के लिए दिन भर व्यस्त रहना पडता है । इस परिसर में इतने होर्डिंग्ज होते हैं कि उन्हें हटाने के लिए प्रतिदिन ८ घंटे का समय देना पडता है ।
इसमें मंत्रियों को कुछ भी आपत्तिजनक नहीं लगता ?

मंत्रालय के मुख्य प्रवेशद्वार के बाहर सडक के किनारे मंत्रियों के आवास हैं । इन आवासों के बाहर की संरक्षक दीवारों पर भी होर्डिंग्ज लगाए जाते हैं । पूरे राज्य से आनेवाले राजनीतिक दल के अति उत्साहित कार्यकर्ता मंत्रियों को शुभकामनाएं देने लिए होर्डिंग्ज लगाते हैं । इसप्रकार अवैधरूप से होर्डिंग्ज लगाकर सार्वजनिक स्थान अव्यवस्थित न हों, इसका भान वास्तव में मंत्रियों को होना अपेक्षित है, परंतु दुर्भाग्यवश वैसे होता हुआ दिखाई नहीं देता । कदाचित् मंत्रियों द्वारा निर्देश देकर भी यदि व्यवस्था की ओर से कार्यवाही नहीं होती, ऐसा भी हो सकता है, परंतु यहां अवैध होर्डिंग्ज लग रहे हैं, यह वास्तविकता है ।
स्वयं पर कार्यवाही हाेने के भय से पुलिस ही कार्यवाही करना टालती है ।
मंत्रालय परिसर में लगाए जानेवाले लगभग सभी होर्डिंग्ज राजनीतिक होते हैं तथा वो राजनीतिक पदाधिकारियों के होते हैं । ‘होर्डिंग लगानेवालों को रोकने पर स्वयं पर ही कार्यवाही होगी’, इस भय से पुलिसकर्मी कार्यवाही नहीं करते’, ऐसा एक पुलिसकर्मी ने बताया ।
🛑 Sanatan Prabhat Exclusive: Unauthorised political hoardings erected right outside the Mantralaya!
If the administration cannot prevent illegal hoardings right outside the seat of power, how will they ever stop this menace across the state?
🚛 The Ground Reality:
BMC ground… pic.twitter.com/cOERFHeehY— Sanatan Prabhat (@SanatanPrabhat) July 5, 2026
शहरों से लेकर गांव-गांव तक होर्डिंग्ज लगाकर होनेवाली अव्यवस्था के उत्तरदायी कौन हैं ?वर्तमान स्थिति में राज्य के महत्त्वपूर्ण स्थानों पर बडी संख्या में विशाल होर्डिंग्ज लगे दिखाई देते हैं । अब यह प्रचलन गांवों एवं ग्रामीण क्षेत्रों में भी बढा है । इससे सार्वजनिक स्थान अव्यवस्थित होते हैं । राज्य के महत्त्वपूर्ण स्थानों पर ऐसा करने पर कार्यवाही न होने से यह प्रचलन पूरे राज्य में फैला है । इस पर समय रहते तथा गंभीरता से कार्यवाही न होने के कारण ही राज्य में सर्वत्र ही अवैध होर्डिंग्ज की बडी समस्या उत्पन्न हुई है । |
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