श्रीराम मंदिर के दान की चोरी पर रा.स्व. संघ ने पहली बार प्रस्तुत की अपनी भूमिका !

अयोध्या (उत्तर प्रदेश) – श्रीराम मंदिर की दानपात्रिकाओं (दानपेटियों) से निधि की चोरी होना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है । इससे रामभक्तों की भावनाओं एवं श्रद्धा को आघात पहुंचा है । विशेष जांच दल के अन्वेषण में जो कोई भी दोषी पाया जाएगा, उसे कठोर दंड मिलना ही चाहिए, ऐसी भूमिका इस प्रकरण में रा.स्व. संघ ने प्रथम बार खुले रूप से प्रस्तुत की है ।
हिन्दुत्वविरोधी शक्तियों तथा समाज को अपकीर्त (कलंकित) करने का प्रयास करने वालों के षड्यंत्र को विफल करें !
संघ के सरकार्यवाह (महासचिव) श्री. दत्तात्रेय होसाबले ने कहा कि, रामभक्तों के लम्बे संघर्ष, समर्पण एवं त्याग से श्रीराम मंदिर निर्मित हुआ है । आज वह हिन्दू समाज के लिए श्रद्धा का एक प्रमुख केंद्र है । यहां की दानपेटिका से धन की चोरी की घटना से हम सभी अत्यंत दुखी हैं । न्यास (ट्रस्ट) के अनुरोध पर उत्तरप्रदेश सरकार ने एक विशेष अन्वेषण दल का गठन कर जांच प्रारंभ कर दी है । जांच में जो कोई भी दोषी पाया जाएगा, उसे कठोर दंड मिलना ही चाहिए ।
आशा है कि न्यास अब प्रबंधन एवं कार्यप्रणाली की सभी त्रुटियों को दूर करेगा !
श्री. दत्तात्रेय होसाबले ने आगे कहा कि, हिन्दू समाज तथा रा.स्व. संघ को यह आशा है कि न्यास इस गंभीर घटना का संज्ञान लेकर प्रबंधन एवं कार्यप्रणाली की सभी त्रुटियों को दूर करेगा, जिससे मंदिर पर रामभक्तों की श्रद्धा अक्षुण्ण बनी रहे । वर्तमान का भ्रम एवं संदिग्धता समाप्त होनी चाहिए । राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ इस कठिन समय में सभी हिन्दुओं से संयम तथा धैर्य बनाए रखने का आह्वान कर रहा है । इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना का अनुचित लाभ उठाकर हिन्दुत्वविरोधी शक्तियों तथा समाज को कलंकित करने का प्रयास करने वाले तत्वों के षड्यंत्र को विफल किया जाना चाहिए ।
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