हजारों भक्तों की उपस्थिति में आर्थिक राजधानी से गूंजा वेदमंत्रों का घोष !

मुंबई, १७ मई (वार्ता) – सनातन संस्था के संस्थापक सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत आठवलेजी ने जिस नगरी से धर्मकार्य का श्रीगणेश किया था, वह मुंबापुरी (मुंबई) अधिक ज्येष्ठ शुक्ल प्रतिपदा को वेदमंत्रों के घोष से गूंज उठी ! मुंबई के आराध्य श्री सिद्धिविनायक की कृपाछाया में सनातन संस्था के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय जुड गया ! प्रभादेवी के नर्दुल्ला टैंक मैदान में अत्यंत भावपूर्ण और मंगलमय वातावरण में दिव्य ‘श्री राजमातंगी महायज्ञ’ संपन्न हुआ । वर्तमान युद्धकाल में तपोभूमि भारत को सुरक्षा कवच प्राप्त हो और भारत की सर्वांगीण उन्नति हो, इस उद्देश्य से सनातन संस्था द्वारा आयोजित इस ‘श्री राजमातंगी महायज्ञ’ के कारण मुंबई का आकाश वेदमंत्रों के जयघोष और सद्गुरु एवं संतों की वंदनीय उपस्थिति से आलोकित हो उठा । सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत आठवलेजी की आध्यात्मिक उत्तराधिकरिणी श्रीसत्शक्ति (श्रीमती) बिंदा नीलेश सिंगबाळजी और श्रीचित्शक्ति (श्रीमती) अंजली मुकुल गाडगीळजी की चैतन्यमयी उपस्थिति से वातावरण तेजोमय हो गया । यज्ञ समारोह में उपस्थित गणमान्य व्यक्ति, साधक और भक्तगण श्री राजमातंगी देवी की कृपावर्षा में सराबोर हो गए । महायज्ञ में जीवनाडीपट्टी वाचक पू. डॉ. ॐ उलगनाथन् जी की वंदनीय उपस्थिति का भी लाभ मिला ।
हर ओर भक्ति… हर मन में भाव…
दिव्यता से भर उठा मुंबई में हो रहा श्री #राजमातंगी महायज्ञ !🕉️ मंत्रोच्चार, यज्ञज्वाला और सात्त्विक वातावरण से भक्तिमय बना पूरा परिसर !
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— Sanatan Sanstha (@SanatanSanstha) May 17, 2026
…ऐसा रहा यज्ञ समारोह !
श्री राजमातंगी महायज्ञ समारोह का प्रारंभ १७ मई की दोपहर ३ बजे श्री महागणपति पूजन के साथ हुआ । इसके बाद पुण्याहवाचन और महायज्ञ का संकल्प लिया गया । इस अवसर पर उपस्थित सभी श्रद्धालुओं ने भी ‘सामूहिक संकल्प’ किया । तत्पश्चात, अत्यंत भावपूर्ण वातावरण में ललिता त्रिशती कुंकुमार्चन द्वारा देवी का आवाहन किया गया। इसके बाद श्री राजमातंगी देवी के मूलमंत्रों से यज्ञ में आहुतियां समर्पित की गईं । माला मंत्र, गायत्री मंत्र का पाठ, होम और पारायण के बाद श्री गणपति होम द्वारा भगवान गणेश की आराधना की गई । श्री राजमातंगी और परिवार देवताओं के होम के बाद देवी सप्तशती के सातवें अध्याय का पाठ करते हुए होम किया गया । इसके बाद विधि-विधान के साथ पूर्णाहुति हुई !
A historic and spiritually powerful ‘Shri Rajmatangi Mahayadnya’ was conducted today at Prabhadevi, #Mumbai by Sanatan Sanstha with the resolve of creating an invincible spiritual shield around #Bharat amid rising global unrest. Over 7,000 devotees attended physically, while… pic.twitter.com/IYmPlInlCk
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…महापूर्णाहुति का दिव्य अनुभव प्राप्त हुआ !
इरोड, तमिलनाडु के शिवागम विद्यानिधि आगमाचार्य श्री. अरुणकुमार गुरुमूर्ति और यज्ञ के मुख्य आचार्य श्री. गुरुमूर्ति शिवाचार्य द्वारा भावपूर्ण तरीके से कराए गए पौरोहित्य (पुरोहित कर्म) तथा श्रीसत्शक्ति (श्रीमती) बिंदा सिंगबाळजी एवं श्रीचित्शक्ति (श्रीमती) अंजली गाडगीळजी के कारण ईश्वरीय चैतन्य से सराबोर वातावरण में जब उपस्थित श्रद्धालु पूरी तरह एकाकार हो चुके थे, तभी महापूर्णाहुति का वह क्षण आया ! श्री राजमातंगी देवी को वस्त्र समर्पण, सौभाग्य द्रव्य समर्पण, और वसोर्धारा समर्पण के उपरांत उस चैतन्यमयी वातावरण में महापूर्णाहुति का दिव्य अनुभव लिया ! मानो ‘देवी स्वयं साक्षात अवतरित हुई हैं’, ऐसा वातावरण सभी श्रद्धालु अनुभव कर रहे थे !
देवी तत्त्व की उस दिव्य उपस्थिति में ही महादीप आराधना और उपचार पूजा संपन्न हुई । महिषासुरमर्दिनी के सामूहिक पाठ के साथ इस विधि का समापन हुआ । यज्ञ का चैतन्यमयी प्रसाद एवं देवी तत्त्व की दिव्य अनुभूति को अपने अंतःकरण में संजोकर श्रद्धालु अपने गंतव्य की ओर प्रस्थान हुए !
‘Shri Rajamatangi Mahayajna’
conducted in Mumbai for National ProtectionThe chanting of Vedic mantras echoes in the country’s financial capital in the presence of thousands of devotees.
A major highlight was the rare darshan of sacred fragments of historic Sorati Somnath… pic.twitter.com/wW75RUrATx
— Sanatan Prabhat (@SanatanPrabhat) May 17, 2026
सद्गुरु-संतों की उपस्थिति में हजारों हिन्दुओं ने लिया महायज्ञ का आध्यात्मिक लाभ !![]() श्रीसत्शक्ति (श्रीमती) बिंदा सिंगबाळजी और सद्गुरु नीलेश सिंगबाळजी, साथ ही श्रीचित्शक्ति (श्रीमती) अंजली गाडगीळजी और सद्गुरु (श्रीमती) मुकुल गाडगीळजी मुख्य यजमान के रूप में यज्ञ स्थल पर उपस्थित थे । मुंबई और आसपास के क्षेत्रों के अनेक दंपति यज्ञ के सह-यजमान के रूप में उपस्थित थे ।
इस मंगलमय अवसर पर सनातन संस्था के धर्मप्रचारक सद्गुरु नंदकुमार जाधव, सद्गुरु सत्यवान कदमजी, सद्गुरु अनुराधा वाडेकरजी, सद्गुरु स्वाती खाडयेजी, सद्गुरु नंदकुमार जाधवजी, साथ ही सनातन संस्था के पू. अशोक पात्रीकरजी तथा पू. (श्रीमती) संगीता जाधवजी की भी वंदनीय उपस्थिति रही । हिन्दुत्निष्ठ, धर्मप्रेमी, विभिन्न संप्रदायों के भक्त, गणमान्य नागरिक, हितचिंतक, विज्ञापनदाता, पत्रकार और सनातन संस्था के साधकों सहित ७ हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने प्रत्यक्ष तथा ४० देशों के लोगों ने ऑनलाइन माध्यम से इस चैतन्यमयी महायज्ञ समारोह का आध्यात्मिक स्तर पर लाभ उठाया । |
देश की रक्षा के लिए किया गया श्री राजमातंगी देवी का आवाहन !![]() आदिशक्ति देवी सती के क्रोध से प्रकट हुई ‘दशमहाविद्याओं’ में मातंगी देवी का स्थान अत्यंत महत्वपूर्ण है। देवी मातंगी को आदिशक्ति की ‘प्रधानमंत्री’ अर्थात मुख्य सलाहकार माना जाता है। शत्रुओं पर विजय प्राप्त करने तथा प्रतिकूल परिस्थितियों पर नियंत्रण पाने के लिए इस देवी की उपासना फलदायी सिद्ध होती है । त्रेतायुग में प्रभु श्रीराम के अवतार के समय भी राजमातंगी देवी का तत्त्व कार्यरत था, जिससे आदर्श रामराज्य की स्थापना हो सकी । वर्तमान में भी वैसी ही दैवी शक्ति के आशीर्वाद से भारत की रक्षा हो, यही इस महायज्ञ का मुख्य उद्देश्य था । महायज्ञ के समय श्री राजमातंगी देवी की स्तुति कर भारत के सर्वांगीण विकास एवं रक्षा के लिए सामूहिक प्रार्थना की गई । |
सोरटी सोमनाथ ज्योतिर्लिंग के दिव्य अंशों के दर्शन !![]() इस महायज्ञ की एक विशेष बात यह थी कि १ हजार वर्ष पूर्व आक्रमणकारी मोहम्मद गजनवी द्वारा खंडित किए गए सोरटी सोमनाथ ज्योतिर्लिंग के दिव्य अंशों के दर्शन इस अवसर पर हिन्दू जनसमुदाय को प्राप्त हुए । इतिहास के साक्षी ये पवित्र अवशेष यज्ञ स्थल पर दर्शन के लिए रखे गए थे । दोपहर ३.१५ बजे मुख्य आचार्य श्री. अरुणकुमार गुरुमूर्ती के हाथों और अन्य पुरोहितों की उपस्थिति में इन दिव्य अंशों का नादस्वर (पारंपरिक वाद्यों की गूंज) के साथ यज्ञ स्थल पर आगमन हुआ । भक्तों ने अत्यंत भावपूर्ण तरीके से इस दिव्य ज्योतिर्लिंग के अंशों के दर्शन किए । श्री राजमातंगी महायज्ञ के निमित्त जहां एक ओर शक्ति की उपासना हो रही थी, वहीं सोरटी सोमनाथ ज्योतिर्लिंग के रूप में भगवान शिव की भी प्रत्यक्ष उपस्थिति होने से भक्तों ने मानो ‘शिव-शक्ति संगम’ में स्नान करने का भाव अनुभव किया ।
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क्षणचित्र (झलकियां)
१. हजारों वर्षों से संजोकर रखे गए और अब प्रदर्शित किए जा रहे ज्योतिर्लिंग के दिव्य अंशों के मंच पर आते ही सैंकडों भक्तों के रोंगटे खडे हो गए ।
२. यज्ञ समारोह स्थल पर लगाए गए विभिन्न कक्षों (स्टॉल्स) को भक्तों से मिले उत्साही प्रतिसाद से उनकी जिज्ञासु प्रवृत्ति स्पष्ट दिखाई दे रही थी ।
३. यज्ञ मंडप के मध्य में ऊपर की ओर सीधे लगाए गए प्रबोधनात्मक वाक्यों के बोर्ड (फलक) भक्तों का ध्यान आकर्षित कर रहे थे ।
४. यज्ञ की पूर्णाहुति के समय रामनाथी, गोवा स्थित सनातन के आश्रम परिसर के आकाश में चमकीला पीला प्रकाश फैल गया था ।
५. मुंबई में यज्ञ की समाप्ति के तुरंत बाद ही रामनाथी स्थित सनातन के आश्रम परिसर में बिजली की गडगडाहट के साथ वर्षा हुई, मानो वरुणराज तथा देवताओं ने इस रूप में सनातन को आशीर्वाद दिया हो।
महायज्ञ में उपस्थित जनप्रतिनिधि
- भाजपा विधायक ज्ञानेश्वर म्हात्रे
- शिवसेना (विधान परिषद) विधायक डॉ. मनीषा कायंदे
- भाजपा के वरिष्ठ पार्षद श्री. प्रकाश गंगाधरे
- मनसे के पार्षद श्री. यशवंत किल्लेदार
सह-यजमानों में पत्नी सहित सम्मिलित हुए कुछ गणमान्य व्यक्ति !
- हिन्दू विधिज्ञ परिषद के राष्ट्रीय सचिव अधिवक्ता (वकील) संजीव पुनालेकर
- वरिष्ठ हिन्दुत्वनिष्ठ अधिवक्ता नितिन प्रधान
- स्वातंत्र्यवीर सावरकर स्मारक के कार्याध्यक्ष श्री. रणजीत सावरकर
- पितांबरी उद्योग समूह के प्रबंध निदेशक श्री. रवींद्र प्रभुदेसाई
- उद्यमी श्री. धनराज विसपुते



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