वाराणसी में ज्ञानवापी के समीप दीवार पर भगवा रंग में बनाए गए मधुबनी चित्र का मुसलमानों द्वारा विरोध

काशी विश्वनाथ मंदिर एवं ज्ञानवापी

वाराणसी (उत्तर प्रदेश) – वाराणसी में शुक्रवार की नमाज से पहले ज्ञानवापी एवं काशी विश्वनाथ मंदिर के प्रवेश द्वार संख्या ४ के बाहर कुछ समय के लिए तनाव का वातावरण बन गया था । ज्ञानवापी के समीप एक दीवार पर मधुबनी शैली में चित्र बनाया गया था, जिसको लेकर यह तनाव उत्पन्न हुआ । यद्यपि, वहां भारी पुलिस बल तैनात होने के कारण कोई भी अनुचित घटना नहीं हुई । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वाराणसी में शासकीय आगमन से पूर्व यह चित्र बनाया गया था ।

यद्यपि नमाज के समय कोई विरोध नहीं हुआ एवं नमाज शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई, तथापी कुछ लोगों का कहना था कि पहले जैसी स्थिति थी, उसे परिवर्तित करने की आवश्यकता नहीं थी । इस प्रकार के कार्यों से सामाजिक सौहार्द प्रभावित हो सकता है ।

भूमि को वक्फ की बताते हुए प्रतिवाद प्रविष्ट

वाराणसी के ‘मुफ्ती-ए-बनारस’ मौलाना अब्दुल बातिन नोमानी ने इस पर कडी आपत्ति जताई है । उनका कहना है कि यह भूमि वक्फ की है एवं इस पर ज्ञानवापी समिति की अनुमति के बिना चित्र बनाया गया है । इस संबंध में कई बार अधिकारियों से चर्चा की गई, किन्तु किसी ने ध्यान नहीं दिया । मुफ्ती ने लिखित प्रतिवाद प्रविष्ट कराया है एवं चित्र हटाने के प्रश्न पर पुन: अधिकारियों से मिलेंगे ।

पुलिस उपायुक्त (काशी) गौरव बंसवाल ने कहा कि चित्र में कुछ भी अयोग्य या आपत्तिजनक नहीं है । यह केवल एक सांस्कृतिक चित्र है । यह दीवार ज्ञानवापी क्षेत्र में नहीं आती । यदि कोई कानून हाथ में लेने का प्रयत्न करेगा, तो उसके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी ।

संपादकीय भूमिका

ज्ञानवापी प्रकरण में सर्वोच्च न्यायालय का निर्णय हिन्दुओं के पक्ष में आने तक मुसलमानों द्वारा इस प्रकार की आपत्तियां जारी रहेंगी !