७० प्रतिशत घटनाओं में महिलाओं द्वारा तलाक की मांग ।
बीजिंग – चीन में तलाक की घटनाओं में रिकॉर्ड वृद्धि हुई है । कुल तलाक घटनाओं में से ७० प्रतिशत घटनाओं में महिलाओं ने तलाक की मांग की है । तलाक की बढती प्रवृत्ति के पीछे महिलाओं की आर्थिक स्वतंत्रता तथा सामाजिक स्वीकृति में वृद्धि, ये मुख्य कारण हैं, ऐसा समाजशास्त्रियों का मत है ।
१. शहरों में रहने वाली आधुनिक महिलाएं अब समाज के दबाव में जीवन जीने के स्थान पर रिश्ते से बाहर निकलने के लिए तलाक का विकल्प चुन रही हैं ।
२. इस संबंध में एक आंकडे के अनुसार वर्ष २०२५ में २७ लाख से अधिक तलाक प्रविष्ट किए गए । यह वर्ष २०२१ की तुलना में २८ प्रतिशत अधिक हैं ।
३. वर्ष १९८० के बाद चीन में विवाह दर में ऐतिहासिक गिरावट आई है । अविवाहित रहना एक नई प्रतिष्ठा का प्रतीक बनता जा रहा है । आर्थिक मंदी तथा पारिवारिक संरचना में हुए बदलावों ने इस प्रवृत्ति को अधिक तेज किया है ।
४. यह बदलाव चीनी समाज में पारंपरिक परिवार व्यवस्था के समाप्ति की ओर संकेत करता है । अब चीनी महिलाएं अपनी अलग पहचान तथा आत्मसम्मान के लिए तलाक को एक नए सामाजिक अधिकार के रूप में देख रही हैं ।
५. चीन सरकार ने वर्ष २०२१ में ३० दिनों का ‘कूलिंग-ऑफ पीरियड’ नामक नया नियम लागू किया । अर्थात तलाक के पंजीकरण से पहले ३० दिनों की अनिवार्य विचार अवधि रखी गई । इससे प्रारंभ में तलाक की घटनाओं में कमी आई, परंतु बाद में वे फिर से बढ गयीं।
६. शंघाई की पारिवारिक कानून की अधिवक्ता गुई फांगफांग बताती हैं, पहले महिलाएं तलाक के लिए प्रायः बडे अत्याचारों का उल्लेख करती थीं । जैसे – घरेलू हिंसा, विवाहेतर संबंध या जुए जैसी आदतें आदि । अब महिलाएं विवाह की गुणवत्ता अच्छी नहीं है या हमारे मूल्य मेल नहीं खाते, ऐसे कारण बताकर तलाक की मांग कर रही हैं ।

बांग्लादेश के विरोध के कारण घुसपैठियों को सीमा पार वापस भेजना हुआ कठिन ।
Temple Bonds : केन्द्र सरकार ‘टेम्पल बॉन्ड्स’ योजना लाने की तैयारी में !
Corporate Jihad : धर्मांतरण अस्वीकार करने के कारण ‘विप्रो’ (Wipro) की हिन्दू महिला कर्मचारी को सेवामुक्त किया !
Trump Tariff : ट्रम्प भारत सहित अनेक देशों पर १२.५ प्रतिशत अतिरिक्त आयात शुल्क लगाएंगे
Japan Illegal Mosque : जापान में पाकिस्तान द्वारा निर्मित अवैध मस्जिद को ध्वस्त किया जाएगा !
Pakistani HoneyTrap Failed : कश्मीरी युवक को ‘हनी ट्रैप’ में फंसाकर उससे गोपनीय सूचना प्राप्त करने का पाकिस्तान का षड्यंत्र विफल !