Nashik Corporate Jihad : हिंजवडी (पुणे) में नासिक के ‘कॉर्पोरेट जिहाद’के विरोध में हिन्दू-राष्ट्र जागृति आंदोलन ।

‘लव जिहाद’, ‘धार्मिक आतंक’ एवं ‘धर्मांतरण के रैकेट’ की देशव्यापी शृंखला उजागर करने की मांग ।


पुणे – नासिक के बहुराष्ट्रीय प्रतिष्ठान में हिन्दू महिला कर्मचारियों का यौन शोषण, धर्मांतरण के लिए उन पर दबाव बनाना, नमाज पढने के लिए तथा गोमांस भक्षण करने के लिए विवश किया जाना जैसी जो घटनाएं सामने आई हैं, उसके पीछे की विषैली जिहादी मानसिकता एवं संगठित अपराधों को नाकाम किया जाना चाहिए । इसके पीछे जो ‘लव जिहाद’, ‘धार्मिक आतंक’ एवं ‘धर्मांतरण के रैकेट’ कार्यरत है, उसकी गहन जांच कर इसके पीछे की देशव्यापी शृंखला उजागर की जाए, इन मांगों के लिए हिन्दू जनजागृति समिति की ओर से १७ अप्रैल को सायंकाल ५.३० बजे ‘हिंजवडी फेज १’ के छत्रपति शिवाजी महाराज चौक पर हिन्दू राष्ट्र-जागृति आंदोलन किया गया ।

इस आंदोलन में बडी संख्या में धर्मप्रेमी उपस्थित थे । इस समय प्रस्तुत किए जानेवाले ज्ञापन पर लोगों के हस्ताक्षर लिए गए । यह ज्ञापन मुख्यमंत्री, जिलाधिकारी एवं पुलिस प्रशासन को प्रस्तुत किया जाएगा, ऐसी जानकारी हिन्दू जनजागृति समिति के श्री. पराग गोखले ने दी ।

सहभागी मान्यवर

इस आंदोलन में हिन्दू जनजागृति समिति के श्री. पराग गोखले, हिन्दू राष्ट्र समन्वय समिति, ‘राष्ट्रभक्त अधिवक्ता समिति’के अधिवक्ता सिद्धेश परांजपे, ‘वीर सावरकर युवा विचार मंच’के श्री. दयानंद बंडगर, श्री. बाळासाहेब खाणेकर, बाणेर की भाजपा की पूर्व पार्षद श्रीमती स्वप्नाली सायकर, बाणेर की ‘हिन्दू युवा प्रबोधिनी’ के विश्वास कळमकर एवं श्रीमती नंदा कळमकर आदि मान्यवर उपस्थित थे । उन्होंने उपस्थित धर्मप्रेमियों को संबोधित किया । प्रशासन ने इन राक्षसों एवं उन्हें संरक्षण देनेवाली व्यवस्था को तुरंत कठोर कार्यवाही नहीं की तो हिन्दू जनजागृति समिति समस्त हिन्दू संगठनों की ओर से पूरे राज्य में तीव्र जनआंदोलन चलाएगी, ऐसी समिति ने चेतावनी दी है ।

विभिन्न नारों के फलक ।

  • ‘नासिक के बहुराष्ट्रीय प्रतिष्ठानों में चल रहा ‘कॉर्पोरेट जिहाद’ बंद होना ही चाहिए’।
  • ‘कॉर्पोरेट जिहाद’ के विरुद्ध महिलाओं के शिकायतों की अनदेखी करनेवाले प्रतिष्ठान के उच्चपदस्थ अधिकारियों की जांच हो’।
  • ‘नासिक में ७ आरोपी, तो अन्य शहरों में कितने ?, इसकी जांच करने के लिए ‘लव जिहाद रैकेट’ का व्यापक अन्वेषण करें ।
  • ‘कॉर्पोरेट जिहाद’ चलाकर हिन्दू महिलाओं का शोषण करनेवाले तथा उन्हें संरक्षण देनेवालों को तुरंत पुलिस की पकड में लें ।

जैसे विभिन्न फलक लेकर हिन्दुत्वनिष्ठ इस आंदोलन में सहभागी थे ।

आंदोलन में की गई प्रमुख मांगें ।

१. नासिक के प्रस्तुत प्रतिष्ठान से ७ आरोपियों को बंदी बनाया गया है । नासिक में ७ आरोपी मिले हैं, तो अन्य शहरों में कितने होंगे ? उसीप्रकार से पुणे के एक प्रतिष्ठान में भी ऐसा एक प्रकरण चलने की चर्चा है, इसकी भी जांच हो ।

२. जिन प्रतिष्ठानों में हिन्दू महिलाओं के शील की रक्षा नहीं होती तथा जहां ‘धार्मिक आतंक’ फैलाया जाता है, ऐसे प्रतिष्ठानों की व्यावसायिक अनुज्ञप्ति समाप्त कर उन पर ताला लगाया जाए, साथ ही राज्य के सभी आईटी एवं बहुराष्ट्रीय प्रतिष्ठानों का ‘विशेष सुरक्षा एवं धार्मिक भेदभावविरोधी ऑडिट’ करने का सरकार आदेश दे ।

३. इस प्रतिष्ठान में कर्मचारियों की भर्ती करते समय क्या किसी विशिष्ट समुदाय को अथवा उनकी विचारधारा को प्रधानता दी जाती है ? तथा क्या उसके माध्यम से हिन्दू महिलाओं को लक्ष्य बनाने की नीति चलाई जाती है ?, इसकी भी गहन जांच हो ।

संपादकीय भूमिका

ऐसा आंदोलन करना ही क्यों पडता है । अनेक बहुराष्ट्रीय प्रतिष्ठान स्वयं को ‘सर्वधर्मसमभावी’ मानते हैं, परंतु वहां एक ओर हिन्दू कर्मचारियों को उनके त्योहार मनाने के लिए विरोध किया जाता है, तो दूसरी अेर नमाज पढने के लिए विशेष छूट दी जाती हैं । यह भेदभाव ही व्यावसायिक जिहाद की नींव है ।