हनुमान जयंती के अवसर पर सामूहिक गदापूजन का आयोजन !
धनबाद (झारखंड) – वर्तमान में देश एवं धर्म संकट में हैं तथा सर्वत्र भय का वातावरण बना हुआ है । ऐसे में प्रत्येक हिन्दू के भीतर श्री हनुमानजी के समान शौर्य, शक्ति एवं भक्ति जागृत हो तथा आनेवाले भीषण आपातकाल में बजरंग बली के आशीर्वाद से हिन्दुओं की विजय सुनिश्चित हो, इसी संकल्प के साथ श्री हनुमान जयंती के शुभ अवसर पर ‘हिन्दू जनजागृति समिति’ द्वारा पूरे देश में ८५० स्थानों पर सामूहिक ‘गदापूजन’ किया गया । उत्तर प्रदेश, बिहार, हरियाणा, मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ, कर्नाटक, तेलंगाना, महाराष्ट्र और गोवा आदि राज्यों में आयोजित इस सामूहिक गदा पूजन में हजारों युवाओं और धर्मप्रेमियों ने उत्साहपूर्वक सहभाग लिया । धनबाद में गदापूजन के समय संत पू. प्रदीप खेमकाजी की भी वंदनीय उपस्थित थी ।
१. संपूर्ण विश्व आज युद्धजन्य परिस्थितियों की दहलीज पर खडा है । इतिहास का अवलोकन करें, तो स्पष्ट होता है कि युगों-युगों से जिस भी युद्ध में वीर हनुमान विराजमान हुए, वहां विजय निश्चित हुई ! चाहे वह श्रीराम की सेना में सम्मिलित होकर लंका का दहन करनेवाले मारुति नंदन हों, अथवा महाभारत के युद्ध में अर्जुन के रथ के ध्वजस्तंभ पर विराजमान होकर अधर्म के विरुद्ध पांडवों को शक्ति प्रदान करनेवाले हनुमान हों ! इतना ही नहीं, छत्रपति शिवाजी महाराज के ‘हिंदवी स्वराज्य’ की स्थापना हेतु समर्थ रामदासस्वामीजी ने ग्राम-ग्राम में मारुति की प्रतिमाएं स्थापित कर जो बलोपासना प्रारंभ की थी, उसी से स्वराज्य को आध्यात्मिक सामर्थ्य का बल प्राप्त हुआ ।
२. ‘गदापूजन’ विधि, श्री हनुमानजी की आरती, हनुमान चालीसा का पाठ, शंखनाद और सामूहिक प्रार्थना के पश्चात ‘श्री हनुमते नमः’ का सामूहिक नामजप किया गया । इस अवसर पर ‘रामराज्य की स्थापना हेतु हनुमानजी के गुणों को आत्मसात कैसे किया जाए ?’ इस विषय पर मार्गदर्शन भी प्रदान किया गया । कार्यक्रम के अंत में ‘रामराज्य की स्थापना हेतु सामूहिक प्रतिज्ञा’ ली गई ।
३. हिन्दू जनजागृति समिति द्वारा विगत ४ वर्ष से पूरे देश में सामूहिक ‘गदापूजन’ के कार्यक्रम सफलतापूर्वक आयोजित किए जा रहे हैं । इस वर्ष भी हिन्दुत्वनिष्ठों एवं श्रद्धालुओं का उत्तम सहभाग दिखाई दिया । इस समय विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि भी सम्मिलित हुए थे ।

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