महावितरण (महाराष्ट्र राज्य विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड) के दल के साथ मारपीट तथा अपशब्दों का प्रयोग : २ मुसलमानों के विरुद्ध अपराध पंजीकृत

  • अलीबाग (जिला रायगड) की घटना

  • मुसलमान परिवार का ६८ सहस्र २८० रुपयों का विद्युत शुल्क अवशेष था !

प्रतिकात्मक छायाचित्र

अलीबाग – विद्युत शुल्क का भुगतान न करने वाले उपभोक्ताओं के विरुद्ध महावितरण ने शुल्क वसूली अभियान आरंभ किया है । इसके अंतर्गत वसूली हेतु गए महावितरण के दल के साथ २ मुसलमानों ने मारपीट की तथा अपशब्दों का प्रयोग किया । इस प्रकरण में महावितरण के अधिकारियों द्वारा दी गई परिवाद (शिकायत) के पश्चात मुसद्दीक जैनुद्दीन चौधरी तथा अरफान मुनवर चौधरी के विरुद्ध पुलिस स्थानक में अपराध पंजीकृत किया गया है ।

मांडवी मोहल्ला परिसर निवासी अख्ततारी जैनुद्दीन चौधरी का ६८ सहस्र २८० रुपयों का शुल्क शेष था । उसकी वसूली हेतु गए दल को मुसद्दीक जैनुद्दीन चौधरी ने ‘हमारे पास धन नहीं है’, ऐसा कहकर शेष शुल्क भरने से मना कर दिया । (‘चोरी तो चोरी ऊपर से सीनाजोरी’ की वृत्ति वाले धर्मांध ! – संपादक) कर्मचारियों ने कहा कि ‘यदि आप शुल्क नहीं भरेंगे, तो नियमानुसार विद्युत आपूर्ति बंद करनी होगी’ । इससे क्रोधित होकर मुसद्दीक जैनुद्दीन चौधरी तथा अरफान मुनवर चौधरी ने महावितरण के वरिष्ठ अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ मारपीट की, साथ ही अत्यंत अभद्र भाषा का प्रयोग किया । (महावितरण को यह समय रहते सुनिश्चित करना चाहिए कि मुसलमान बहुल क्षेत्रों में वसूली हेतु जाते समय पुलिस बल साथ लेकर जाना आवश्यक है या नहीं ! – संपादक)

संपादकीय भूमिका 

  • विद्युत शुल्क का भुगतान करना एक सामाजिक कर्तव्य होने पर भी उसे अस्वीकार करना यह दर्शाता है कि मुसलमानों में विधि-व्यवस्था का कोई भय शेष नहीं रहा है !
  • इस प्रकार की उद्दण्डता तथा अभद्रता करने वालों की बिजली आपूर्ति काट देना चाहिए ! उसके बिना ऐसी घटनाओं पर अंकुश नहीं लगेगा !