नई दिल्ली – अमेरिका एवं ईरान के बीच चल रहे युद्ध के २२ वें दिन भी अमेरिका पीछे हटने को तैयार नहीं है तथा ईरान किसी भी युद्धविराम (सीजफायर) के लिए सहमत नहीं है । अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने स्पष्ट किया था कि वे युद्धविराम के लिए तैयार नहीं हैं । इसके पश्चात ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि ‘किसी भी परिस्थिति में युद्धविराम स्वीकार नहीं करेंगे’ । ईरान वर्तमान में अत्यंत सतर्क पक्ष अपनाए हुए है तथा उन्होंने ‘क्योदो न्यूज’ को दिए साक्षात्कार में उल्लेख किया कि ‘किसी भी स्थिति में पिछले वर्ष जैसी परिस्थिति पुनः उत्पन्न नहीं होने दी जाएगी’ ।
युद्ध ४ से ६ सप्ताह में समाप्त हो सकता है !
ट्रंप ने व्हाइट हाउस में मीडिया से बात करते हुए कहा कि जब आप प्रतिद्वंद्वी को पूरी तरह से पराजित कर रहे होते हैं, तब युद्धविराम नहीं किया जाता । उन्होंने दावा किया कि अमेरिका ने ईरान की सैन्य क्षमता को बडी मात्रा में कम कर दिया है । उन्होंने यह भी कहा, “ईरान के पास अब नौसेना, वायुसेना या बडी सैन्य शक्ति शेष नहीं बची है ।”
‘नाटो’ भयभीत ! – ट्रंप

ट्रंप ने ‘नाटो’ (नॉर्थ अटलांटिक ट्रीटी ऑर्गनाइजेशन – विश्व के २९ देशों का सैन्य संगठन) देशों को भयभीत कहते हुए उनकी आलोचना की । उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका के बिना यह सैन्य संगठन केवल ‘कागजी शेर’ बनकर रह जाएगा ।
ईरानी तेल खरीद पर अमेरिका की ३० दिनों की छूट
ट्रंप प्रशासन ने ईरानी तेल खरीद पर लगे प्रतिबंधों में ३० दिनों की छूट दी है । यह छूट केवल समुद्र में स्थित ईरानी तेल के टैंकरों की खरीद के लिए है । अमेरिका के ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने इसकी घोषणा की । यह छूट २० मार्च से १९ अप्रैल तक प्रभावी है । वैश्विक बाजार में तेल की आपूर्ति बढाने एवं मूल्य को नियंत्रित रखने के लिए ऐसा किया गया है । अमेरिका-इजरायल एवं ईरान के बीच चल रहे युद्ध के कारण कच्चे तेल के मूल्य ११० डॉलर (९ सहस्र १३० रुपये) के पार चली गई हैं । २८ फरवरी को युद्ध आरंभ होने से पहले ये ७० डॉलर (५ सहस्र ८१० रुपये) के लगभग थीं ।
अनुमानतः १४ करोड बैरल तेल उपलब्ध होगा
ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने कहा कि विश्व के लिए इस आपूर्ति को अस्थायी रूप से खोलने से वैश्विक बाजार में लगभग १४ करोड बैरल तेल तेजी से उपलब्ध होगा । इससे विश्वभर में ऊर्जा की उपलब्धता में वृद्धि होगी तथा आपूर्ति पर बना अस्थायी दबाव कम करने में सहायता मिलेगी ।
हॉर्मुज जलडमरूमध्य पुनः कार्यान्वित करने में सहायता करेंगे ! – संयुक्त राष्ट्र

संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने कहा कि हम देख रहे हैं कि क्या हॉर्मुज की स्थिति सामान्य की जा सकती है । हॉर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से कार्यान्वित करने में सहायता के लिए संयुक्त राष्ट्र तैयार है । इस विषय में संयुक्त राष्ट्र, खाडी देशों एवं यूरोपीय परिषद के साथ निरंतर संवाद कर रहा है । संयुक्त राष्ट्र ने पहले भी इस तरह की पहल की है । वर्ष २०२२ में काला सागर (ब्लैक सी) से अनाज एवं उर्वरकों के सुरक्षित परिवहन के लिए रूस एवं यूक्रेन के बीच समझौता कराने में संयुक्त राष्ट्र ने महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई थी ।
इरान ने हिन्द महासागर में अमेरिकी सैन्य अड्डे पर दागीं मिसाइलें
इरान ने हिन्द महासागर स्थित अमेरिका और ब्रिटेन के संयुक्त सैन्य अड्डे डिएगो गार्सिया पर २ बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं; हालांकि, उनमें से एक भी मिसाइल सीधे लक्ष्य (अड्डे) पर नहीं गिरी । यह सैन्य अड्डा इरान के तट से लगभग ३,८१० किलोमीटर और तेहरान से ५,००० किलोमीटर से भी अधिक की दूरी पर स्थित है । इस घटना से यह स्पष्ट हो गया है कि इरान के पास अब ५,००० कि.मी. तक मार करनेवाली मिसाइलें हैं ।
डिएगो गार्सिया अमेरिका के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण सैन्य अड्डा है । यहां से बङे टैंकर विमान (जो हवा में ही दूसरे लडाकू विमानों में ईंधन भर सकते हैं) और निगरानी विमान संचालित किए जाते हैं।
रूस प्रत्येक संकट में इरान के साथ ! – राष्ट्रपति पुतिन

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने इरान को आश्वासन दिया है कि रूस पूर्णरूप से उनके साथ खडा है । पुतिन ने इरानी नेताओं को ‘नवरोज’ (पारसी नववर्ष) के अवसर पर शुभकामनाएं देते हुए कहा कि रूस, इरान का एक निष्ठावान मित्र और विश्वसनीय भागीदार बना रहेगा । उन्होंने आगे कहा कि इरानी जनता को वर्तमान कठिन परिस्थितियों में दृढ़ रहना चाहिए और इस कठिन समय में रूस उन्हें प्रत्येक संभव सहायता प्रदान करेगा ।

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अमेरिका का ईरान के साथ युद्धविराम समझौता समाप्त ! – Donald Trump