सनातन संस्था कट्टर इस्लामवादियों की चूकें उजागर करने में देश में अग्रणी ! – उदय माहुरकर, पूर्व केंद्रीय सूचना आयुक्त

कांग्रेस द्वारा देहली में संपन्न ‘सनातन राष्ट्र शंखनाद महोत्सव’ के उपलक्ष्य में केंद्र सरकार एंव सनातन संस्था पर आधारहीन आरोप लगाए जाने का प्रकरण

नई देहली –  ‘‘मोहम्मद अली जिन्ना की ‘मुस्लिम लीग’ की भांति कार्य कर रही कांग्रेस ने कुछ ही दिन पूर्व देहली में संपन्न सनातन संस्था की ओर से आयोजित ‘सनातन राष्ट्र शंखनाद महोत्सव’ के लिए मोदी सरकार द्वारा आर्थिक सहायता देने के सूत्र पर प्रधानमंत्री पर आरोप लगाए हैं । कांग्रेस ने कहा, ‘प्रधानमंत्री तथा उनकी सरकार सनातन संस्था जैसे धर्मांध संगठनों को प्रोत्साहन दे रही है । सनातन संस्था भले ही मुसलमान समुदाय के प्रति कठोर हो सकती है; परंतु वह एक प्रखर राष्ट्रप्रेमी संगठन है । यह संस्था कट्टरतावादी इस्लामी एवं साम्यवादियों की चूकें उजागर करने के लिए बडे स्तर पर कार्यरत है तथा राष्ट्रविरोधी तत्त्वों की गतिविधियों से देश की रक्षा करने के कार्य में सहायता कर रही है’’, ऐसा प्रतिपादन ‘सेव कल्चर सेव भारत फाउंडेशन’ के अध्यक्ष तथा पूर्व केंद्रीय सूचना आयुक्त श्री. उदय माहुरकर ने किया । उन्होंने देशविघातक कांग्रेस पर जोरदार प्रहार किया । ‘एक्स’ पर माहुरकर ने आगे लिखा कि कांग्रेस किस धर्मनिरपेक्षता की बात कर रही है ? उसे निम्नांकित प्रश्नों के उत्तर देने होंगे :

१. कांग्रेस ने विद्वेष फैलानेवाले जाकिर नाईक को खुले अथवा गुप्त रूप से समर्थन क्यों दिया ? अंततः मोदी सरकार सत्ता में आने के उपरांत ही उस पर कार्रवाई की गई ।

२. राहुल गांधी एवं प्रियंका गांधी वाड्रा केरल के वाईनाड से चुनाव जीतने के लिए सबसे कट्टरतावादी मुसलमान संगठनों का समर्थन क्यों लेते आए हैं ?, यह प्रश्न पूछते हुए माहुरकरजी ने वर्ष २०१९ के लोकसभा चुनाव में वाईनाड से राहुल गांधी को समर्थन देनेवाले कट्टरतावादी मुसलमान संगठनों की सूची से युक्त एक समाचार की लिंक दी है ।

३. कट्टरपंथी इस्लामवादियों के देशविरोधी नारों को खुलेआम समर्थन देनेवाले, साथ ही पूरे भारत को इस्लामी राष्ट्र बनाने का वक्तव्य देनेवाले, धर्मांध उमर खालिद के पिता तथा ‘ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड’ के प्रवक्ता एस.क्यू.आई. इलियास के संदर्भ में कांग्रेस नेतृत्व का क्या कहना है ?

(इलियास ने वर्ष २००३ में की गई भेंटवार्ता में ‘राष्ट्रवाद नष्ट कीजिए । खिलाफत (मुसलमानों का राज्य) की स्थापना कीजिए’, इस नारे का खुला समर्थन किया था । उस भेंटवार्ता की लिंक भी श्री. माहुरकर ने जोडी है ।)

४.  दूसरी ओर प्रधानमंत्री मोदी ने मुसलमान समुदाय की उन्नति के लिए सर्वोपरि प्रयास किए हैं । मुसलमानों को लोकसेवा आयोग में प्रवेश मिलने के लिए कोई बाधा नहीं है । उन्होंने कश्मीर घाटी में बडा परिवर्तन लाया है । वहां कश्मीरी मुसलमान बडे स्तर पर मुख्य धारा में आ रहे हैं तथा विकास के फल चख रहे हैं ।

५. देश में यदि ऐसा कोई राजनीतिक दल है, जो मुसलमानों में झूठ फैलाकर मुसलमान समुदाय को सबसे बडी हानि पहुंचा रहा है, तो वह कांग्रेस ही है । (२४.२.२०२६)