आध्यात्मिक बल एवं हिन्दू राष्ट्र !

‘एक एटम बम में लाखों बंदूकों का सामर्थ्य होता है, उसी प्रकार आध्यात्मिक बल में भौतिक, शारीरिक एवं मानसिक बल सेअनंत गुना सामर्थ्य होता है । इसी कारण धर्मप्रेमी यह चिंता न करें कि‘संख्याबल अल्प होने पर भी हिन्दू राष्ट्र कैसे साकार होगा ?’
हिन्दू धर्म की महानता !
‘कहां पृथ्वी पर राज्य करने का ध्येय रखनेवाले कुछ पंथ, और कहां ‘प्रत्येक को ईश्वरप्राप्ति हो’, यह ध्येय रखनेवाला महान हिन्दू धर्म !’
हिन्दुओं को केवल धर्म ही एकजुट कर सकता है !
‘भारत के हिन्दुओं में हिन्दू धर्म के अतिरिक्त भाषा, त्योहार, उत्सव, कपडे इत्यादि प्रत्येक राज्य में भिन्न-भिन्न है । इस कारण हिन्दुओेंं को केवल धर्म ही एकजुट कर सकता है । हिन्दू, धर्म का महत्त्व अब तो समझें और सभी को एकजुट करने का प्रयास करें, यह अत्यावश्यक है ।’
सात्त्विक व्यक्तियों के जीवन का अंतिम ध्येय !
‘सात्त्विक व्यक्तियों के व्यष्टि जीवन का अंतिम ध्येय होता है, ईश्वरप्राप्ति और समष्टि जीवन का अंतिम ध्येय होता है, रामराज्य !’
बुद्धिवादियों का व्यर्थ अहंकार !
बुद्धिवादियों को अहंकार होता है कि मानव ने विभिन्न यंत्र बनाए । उन्हें यह समझ में नहीं आता कि ईश्वर ने जीवाणु, पशु-पक्षी ७० – ८० वर्ष चलनेवाला एक यंत्र, अर्थात मानव शरीर जैसे अरबों चीजें बनाई हैं । क्या वैज्ञानिक उनमें से एक भी बना पाए हैं ?
– सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत आठवले
सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत आठवलेजी के ओजस्वी विचार
Dhaka Hindu Protest : ढाका में हिन्दुओं ने निकाला विशाल मशाल जुलूस !
छोटे बच्चों को गोमांस देने का परामर्श का प्रकरण !
संपादकीय : नागरिक शास्त्र केवल पुस्तक में ?
केरल में दीपप्रज्वलन का विवाद : राष्ट्रीय व्यक्तित्व की आत्मा संस्कृति है या धर्म ?
हिन्दुत्वनिष्ठ कार्यकर्ताओं के लिए आदर्श जीवन-पद्धति का महत्त्व !