Pune Minor Girls Missing : पुणे में मात्र १५ दिनों में २० अल्पवयस्क बालिकाए लापता !

  • ‘वैलेंटाइन डे’ के एक ही दिन ३ अल्पवयस्क बालिकाएँ घर से निकल गईं

  • अभिभावक अपनी पुत्रियों पर ध्यान दें, पुलिस का परामर्श

प्रतीकात्मक चित्र

पुणे – नगर में अल्पवयस्क बालिकाओं को बहला-फुसलाकर भगा ले जाने की घटनाओं ने गंभीर स्वरूप धारण कर लिया है । १ से १५ फरवरी के पखवाड़े में २० बालिकाओं के अपहरण की घटनाएँ घटित हुई हैं । ये बालिकाएँ मुख्य रूप से १३ से १७ वर्ष की आयु की हैं । सामाजिक माध्यमों (सोशल मीडिया) पर परिचय, प्रेम का प्रलोभन, विवाह का आश्वासन तथा परिचित व्यक्तियों की संलिप्तता इन घटनाओं के पीछे के प्रमुख कारण हैं । ऐसी घटनाओं में प्रायः प्रेम संबंधों का प्रलोभन देकर शारीरिक शोषण के प्रकरण भी सामने आ रहे हैं । ‘वैलेंटाइन डे’ अर्थात १४ फरवरी को ३ अल्पवयस्क बालिकाओं के घर से निकल जाने की घटनाएँ हुई हैं ।

नांदेड़ सिटी, सहकारनगर, बिबवेवाडी, स्वारगेट परिसर, कालेपडल, वाघोली, लोणीकंद, कात्रज, वारजे मालवाडी, येवलेवाडी, चंदननगर, बाणेर, कोथरुड, विश्रामबाग, भारती विद्यापीठ परिसर, मुंढवा, अलंकार पुलिस थाना क्षेत्र, खराड़ी एवं चतुःशृंगी आदि क्षेत्रों से अल्पवयस्क बालिकाओं को भगा ले जाने की घटनाएँ हुई हैं ।

अपराध शाखा के पुलिस उपायुक्त निखिल पिंगले ने बताया कि, “भावनात्मक छल तथा ‘सेक्सटॉर्शन’ (किसी व्यक्ति के निजी अथवा अश्लील चित्र/वीडियो का उपयोग कर उसे डरा-धमकाकर धन, यौन कृत्य अथवा अन्य कुछ मांगना) जैसे प्रकार बढ़ रहे हैं । इसलिए अभिभावकों को अपने बच्चों के भ्रमणभाष (मोबाइल) के उपयोग पर सतर्कता से ध्यान देना तथा उनके साथ मुक्त संवाद बढ़ाना परम आवश्यक है ।”

संपादकीय भूमिका 

  • ये हैं ‘वैलेंटाइन डे’ मनाने के एवं बालिकाओं को बाल्यकाल से संस्कार न देने के दुष्परिणाम !
  • अनेक विषयों में पाश्चात्य संस्कृति का अंधानुकरण करने के कारण बच्चों को उचित तथा अनुचित का बोध न होना, यह अत्यंत गंभीर है !