Delhi Blast : लाल किले के पास हुए बमविस्फोट के पीछे ‘अंसार अंतरिम’ नाम के नए आतंकी संगठन का हाथ !

नई देहली – पिछले वर्ष देहली के लाल किले के पास हुआ भीषण बमविस्फोट एक बडे देशव्यापी षड्यंत्र का भाग होना तथा उसमें ‘व्हाईट कॉलर’ आतंकवादी मॉड्यूल का (इसमें आतंकी सामान्य लोगों की भांति लोगों में ही रहते हैं तथा भीडवाले स्थान पर आक्रमण कर भाग जाते हैं) हाथ होना स्पष्ट हुआ है । उच्चशिक्षित एवं व्यावसायिक पृष्ठभूमिवाले डॉक्टरों ने एकत्रित होकर जम्मू-कश्मीरसहित देश के प्रमुख शहरों में अपनी विध्वंसक गतिविधियां चलाने के लिए ‘अंसार अंतरिम’ के नाम से एक नया आतंकी संगठन बनाया था । पुलवामा का डॉ. उमर-उन-नबी इस मॉड्यूल का प्रमुख सूत्रधार है, ऐसा सामने आया है ।

१. इस उमर ने ही १० नवंबर २०२५ को लाल किले के बाहर विस्फोटकों से भरे चारपहिया वाहन में विस्फोट कराया था, जिसमें १० निर्दोष लोगों को प्राण गंवाने पडे थे । उमर वर्ष २०१६ से कट्टरतावादी विचारधारा से प्रेरित था तथा उसने इससे पूर्व दो बार आतंकवादी गुट में सम्मिलित होने का प्रयास किया था ।

२. अप्रैल २०२२ में श्रीनगर में हुई एक गुप्त बैठक में इस षड्यंत्र के बीज बोए गए । इस बैठक में मुजम्मिल गनी, उमर-उन-नबी, आदिल राथेर एवं मौलवी इरफान जैसे संदिग्ध आतंकियों ने ‘अंसार अंतरिम’ नाम से एक नए आतंकी संगठन के गठन का निर्णय लिया । इसमें ‘अमीर’ अर्थात प्रमुख के रूप में आदिल को, उपप्रमुख के रूप में इरफान को, जबकि कोषाध्यक्ष के रूप में मुजम्मिल की नियुक्ति की गई थी ।

३. पुराने आतंकी संगठनों के साथ संपर्क टूट जाने के कारण इन शिक्षित युवाओं ने अपना एक नया मॉड्यूल बनाया था । अल्-कायदा से संबंधित ‘अंसार’, इस शब्द का उपयोग कर उन्होंने आतंक फैलाने का प्रयास किया था ।

संपादकीय भूमिका 

किसी आतंकी संगठन की कमर तोड़ने पर नए आतंकी संगठन का उदय होता है । इसे यदि रोकना हो, तो पाकिस्तान को पाठ पढाने के साथ ही भारत के धर्मांधों की भी समझ में आए, ऐसी भाषा में उन्हें पाठ पढाना आवश्यक !