Delhi Blast : लाल किले के पास हुए बम विस्फोट का ‘जैश-ए-मोहम्मद’ से संबंध

संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में दी गई जानकारी

जैश-ए-मोहम्मद के नेता मसूद अजहर

न्यूयॉर्क (अमेरिका) – संयुक्त राष्ट्र ने अपनी रिपोर्ट में जानकारी दी है कि ९ नवंबर २०२५ को नई दिल्ली में लाल किले के पास हुए बम विस्फोट सहित अनेक आक्रमणों का उत्तरदायित्व जैश-ए-मोहम्मद ने स्वीकार किया है, ऐसा देश के एक सदस्य ने बताया है । इस विस्फोट में १५ लोगों की मृत्यु हुई थी ।

१. ८ अक्टूबर २०२५ को जैश-ए-मोहम्मद के नेता मसूद अजहर ने ‘जमात-उल-मुमिनात’ नामक महिला शाखा की स्थापना की औपचारिक घोषणा की । संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में कहा गया है कि इस नए संगठन का स्पष्ट उद्देश्य आतंकवादी आक्रमणों को समर्थन देना था, जो समूह की भर्ती तथा समर्थन रणनीतियों में बदलाव को दर्शाता है ।

२. आतंकवाद विरोधी दबाव के बाद भी ‘जैश-ए-मोहम्मद’ जैसे समूह नए भर्ती मॉडल या प्रतीकात्मक तथा प्रभावशाली आक्रमण के माध्यम से अनुकूलन क्षमता दिखा रहे हैं, ऐसी चेतावनी संयुक्त राष्ट्र के निगरानी दल ने दी है ।

३. संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के अनुसार, भले ही कुछ आतंकवादी संगठन निर्बल हुए हों या बिखर गए हों, फिर भी नए रूप में उभरने, पुनर्स्थापित होने तथा उच्च लक्ष्यों पर आक्रमण करने की उनकी क्षमता क्षेत्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर संकट बनी हुई है ।

४. संयुक्त राष्ट्र के निगरानी समूह ने आतंकवाद की वर्तमान स्थिति पर भी प्रकाश डाला है । कुछ देश जैश-ए-मोहम्मद को सक्रिय तथा संचालन की दृष्टि से संकटपूर्ण मानते हैं, जबकि एक अन्य सदस्य देश का कहना है कि यह संगठन निष्क्रिय हो चुका है । इससे गुप्त आकलन तथा कार्यवाही में लगातार बने रहने वाले मतभेद उजागर होते हैं ।