
पैरिस (फ्रांस) – यहां के ऐतिहासिक ‘रिपब्लिक स्क्वेयर’ में बांग्लादेश के अल्पसंख्यक हिन्दुओं के हो रहे नरसंहार के विरोध में एक भव्य मोर्चा का आयोजन किया गया था । ‘बांग्लादेश हिन्दू – बौद्ध – ईसाई एकता परिषद’ एवं ‘ब्युरो ऑफ ह्युमन राइट्स एंड जस्टिस’ इन संगठनों की ओर से यह आंदोलन किया गया । इसकी जानकारी ‘ब्युरो ऑफ ह्युमन राइट्स एंड जस्टिस’ इस संगठन के अध्यक्ष तथा प्रखर हिन्दुत्वनिष्ठ श्री. दीपन मित्रा ने ‘सनातन प्रभात’को दी । इस आंदोलन में सहस्रों शरणार्थी बांग्लादेशी हिन्दुओं ने भाग लिया । इस अवसर पर उन्होंने बांग्लादेश का राष्ट्रगान भी गाया ।
श्री. मित्रा ने ऐसा प्रतिपादित किया कि बांग्लादेश में अल्पसंखकों की केवल उनकी धार्मिक पहचान के कारण उन्हें नष्ट करने की प्रक्रिया चल रही है । इस संदर्भ में विश्व शांत नहीं रह सकता ।
🔥 Paris Roars, India Sleeps? 🔥
Thousands of Hindus marched in Paris against the genocide of Hindus in Bangladesh 🇧🇩
But in India, barring a few Hindutva organizations; where is the outrage? 🤐
If tomorrow India faces a Bangladesh-like fate, on what moral ground will we ask… https://t.co/JW5hqF0IML pic.twitter.com/yGYBi0nLMF
— Sanatan Prabhat (@SanatanPrabhat) January 6, 2026
मोर्चा में की गई मांगें !
१. ईशनिंदा के झूठे आरोप में दीपू चंद्र दास, खोकन दास एवं अमृत मंडल की क्रूरतापूर्ण हत्या करनेवालों को कठोर दंड दें !
२. इस्कॉन के चिन्मय कृष्णदास प्रभु को बिना शर्त छोड दें ! (श्री. प्रभु पिछले डेढ वर्ष से कारागृह में बंद हैं ।)
३. बांग्लादेश को ‘हिन्दूमुक्त’ बनाने का षड्यंत्र तोड डालें !
पिछले डेढ वर्ष में बांग्लादेश में हिन्दुओं पर किए गए आक्रमण !
इस अवसर पर हिन्दुत्वनिष्ठ नेताओं ने बताया कि न्यूनतम १६९ हिन्दू शिक्षकों को नौकरी से त्यागपत्र देने के लिए बाध्य किया गया । न्यूनतम १८७ हिन्दुओं की हत्या की गई, जबकि २२१ हिन्दू महिलाओं के साथ बलात्कार किया गया । सहस्रों हिन्दुओं के घरों एवं व्यवसायों पर आक्रमण कर उनमें तोडफोड एवं आगजनी की गई । बांग्लादेश में ईशनिंदा के झूठे आरोप लगाकर हिन्दुओं पर किए जा रहे आक्रमण, साथ ही बांग्लादेश में हिन्दुओं के मठ-मंदिरों पर नियंत्रण स्थापित करना अब वहां की सामान्य घटनाएं बन चुकी हैं ।
संपादकीय भूमिकाभारत के कुछ हिन्दुत्वनिष्ठ संगठनों को छोड दिया जाए, तो कोई भी हिन्दू इसके विरुद्ध आवाज नहीं उठाता ! भविष्य में जब भारत में भी बांग्लादेश जैसी स्थिति होगी, तब इन हिन्दुओं को, साथ ही उनके वंशजों को ईश्वर क्यों बचाएं ? |
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