
पंढरपुर – यहां की श्री विठ्ठल एवं रुक्मिणीमाता की मूर्तियों पर पुनः एक बार वज्रलेप किया जाएगा, जिसके लिए विधि एवं न्याय विभाग ने अनुमति दी है । इस संदर्भ में श्री विठ्ठल-रुक्मिणी मंदिर समिति की बैठक में वज्रलेप का दिनांक निश्चित किया जाएगा । इस संदर्भ में मंदिर समिति के कार्यकारी अधिकारी राजेंद्र शेळके ने कहा, ‘‘मूर्ति के चरणों में कुछ मात्रा में क्षरण (घिसावट) हुआ है । इसलिए मूर्ति के संरक्षण हेतु उस पर प्रक्रिया करना अत्यावश्यक है । इस संदर्भ में मंदिर समिति की अनुमति लेकर यह प्रस्ताव विधि एवं न्याय विभाग की अनुमति हेतु भेजा गया था । अनुमति प्राप्त हुई है तथा शीघ्र ही यह वज्रलेप किया जाएगा ।’’
वर्ष २०२० में श्री विठ्ठल एवं रुक्मिणी की मूर्तियों पर किया गया वज्रलेप अल्प अवधि में ही निकल गया था !
२३ एवं २४ जुलाई २०२० की कालावधि में श्री विठ्ठल एवं रुक्मिणीमाता की मूर्तियों के चरणों पर ‘सिलिकॉन’ का लेप लगाया गया था; किन्तु वह अल्प कालावधि में ही निकलना प्रारंभ हो गया । अब तक ४ बार पुरातत्व विभाग द्वारा दोनों मूर्तियों पर विविध प्रकार के रसायनों का लेपन किया गया । प्रत्येक बार ‘पुनः वज्रलेप नहीं करना पडेगा’, ऐसा बताया जाता है; किन्तु उसकी निष्फलता बार-बार सामने आती है तथा निश्चित कालावधि के पश्चात वह किया ही जाता है !
संपादकीय भूमिका
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