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नई दिल्ली – पुरानी दिल्ली के मुस्लिम बहुल तुर्कमान गेट के पास फैज-ए-इलाही मस्जिद के परिसर में ६ जनवरी की मध्यरात्रि को नगर निगम द्वारा बुलडोजर से कार्रवाई की गई । दिल्ली उच्च न्यायालय के आदेश पर इस क्षेत्र के अवैध निर्माणों को बुलडोजर से ढहा दिया गया । यह पूरा क्षेत्र प्रसिद्ध रामलीला मैदान के पास स्थित है । इस कार्रवाई के समय कट्टरपंथी मुसलमानों द्वारा निगम कर्मचारियों एवं दिल्ली पुलिस पर पथराव किया गया । इसमें ५ से अधिक पुलिसकर्मी घायल हो गए । स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए पुलिस ने पहले लाठीचार्ज किया उसके बाद आंसू गैस के गोले छोडे ।
पुलिस पर पथराव के प्रकरण में पुलिस ने आदिल कासिफ, मोहम्मद कैफ, मोहम्मद आरिब, उजैफ, अजीम एवं इरफान को बंदी बना लिया है । साथ ही, सोशल मीडिया के माध्यम से मस्जिद पर कार्रवाई होने की अफवाह फैलाने वालों को ढूंढा जा रहा है । सूचना मिली है कि अदनान एवं समीर नामक दो व्यक्तियों ने वीडियो तथा ऑडियो क्लिप प्रसारित की थी । इन सभी के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है । वर्तमान में स्थिति नियंत्रण में है । ७ जनवरी की दोपहर को पुलिस ने फ्लैग मार्च (ध्वज संचलन) भी किया ।
१. नगर निगम ने आधी रात को ३० बुलडोजर लगाकर यह अतिक्रमण हटा दिया । यहां २०० ट्रकों की सहायता से विध्वंस के उपरांत मलबा हटाने का काम युद्ध स्तर पर चल रहा है । पुलिस ने इस क्षेत्र की ओर आने वाले सभी रास्तों पर अस्थायी बैरिकेड्स लगाकर उन्हें बंद कर दिया है ।
२. ६ जनवरी को दिल्ली उच्च न्यायालय ने यहां की मस्जिद एवं कब्रिस्तान से सटी भूमि पर अतिक्रमण हटाने का नोटिस दिया था । याचिकाकर्ता समिति का कहना है कि यह वक्फ की संपत्ति है ।
३. नगर निगम का इस प्रकरण में कहना है कि अतिरिक्त भूमि पर स्वामित्व या वैध नियंत्रण के कागदपत्र (दस्तावेज) प्रस्तुत नहीं किए गए हैं । इसी मुद्दे को न्यायालय में चुनौती दी गई थी । उसके उपरांत नोटिस जारी किया गया । मुस्लिम पक्ष की समिति ने न्यायालय में स्पष्ट किया कि उन्हें अतिक्रमण हटाने पर कोई आपत्ति नहीं है । उसके पश्चात ही यह कार्रवाई की गई ।
संपादकीय भूमिका
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