SK-34 Lottery Ticket : चित्र में शिवलिंग पर मासिक धर्म का रक्त बहते हुए दिखाने का आरोप !

चित्र में शिवलिंग पर मासिक धर्म का रक्त बहते हुए दिखाने का हिन्दू संगठनों का आरोप

थिरुवनंतपुरम् (केरल) – केरल सरकार के ‘सुवर्ण केरलम्’ (एस.के.३४) इस लॉटरी टिकट पर शिवलिंग के चित्र के कारण राज्य में बडा विवाद निर्माण हुआ है । इस शिवलिंग पर मासिक धर्म का रक्त बहते हुए दिखाने का आरोप हिन्दू संगठनों ने किया है । हिन्दू संगठन एवं भाजपा ने ‘यह हिन्दुओं की धार्मिक भावनाओं को आहत करनेवाला कृत्य है’, ऐसा कहते हुए इस घटना का तीव्र निषेध किया है । केरल ललितकला अकादमी के संग्रह से लिया गया यह चित्र हिन्दुओं की श्रद्धाओं का अपमान करनेवाला है । इस प्रकरण में ‘हिन्दू ऐक्य वेदी’ के प्रदेशाध्यक्ष आर.वी. बाबू ने थिरुवनंतपुरम् नगर पुलिस आयुक्त के पास परिवाद (शिकायत) प्रविष्ट किया है ।

१. आर.वी. बाबू एवं भाजपा के राज्य महासचिव अधिवक्ता एस. सुरेश ने कहा कि, ‘एस.के.३४’ इस श्रृंखला के लॉटरी टिकट पर बने चित्र में शिवलिंग की आकृति, तीन पंखुडियों का कमल एवं टपकता हुआ लाल रंग दिखाई देता है । उसमें मासिक धर्म का रक्त मानो देवता को अर्पण किया गया हो, ऐसी अश्लीलता दर्शाई गई है ।

भाजपा के राज्य महासचिव अधिवक्ता एस. सुरेश

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२. केरल की पिनराई विजयन सरकार निरंतर हिन्दू श्रद्धाओं का अपमान कर रही है, ऐसा आरोप आर. वी. बाबू ने किया है । हिन्दू समाज जागृत नहीं हुआ तो इसके परिणाम उसकी हानि में होंगे, ऐसी चेतावनी उन्होंने दी ।

३. केरल की साम्यवादी सरकार की ओर से हिन्दुओं की धर्मश्रद्धाओं पर बार-बार होनेवाले आक्रमण को रोकने का समय आ गया है, ऐसा अधिवक्ता एस. सुरेश ने कहा है ।

४. यह विवाद सामाजिक माध्यमों पर तीव्रता से फैल गया है एवं अनेक राजनैतिक नेताओं तथा धार्मिक नेताओं ने प्रतिक्रियाएं व्यक्त की हैं । विवादित लॉटरी टिकटों का बहिष्कार करने एवं उन्हें जलाने की मांग भी अनेक लोगों ने की है ।

५. केरल राज्य लॉटरी विभाग के संचालकों ने इस विषय का संज्ञान लेते हुए जांच आरम्भ करने की बात कही है ।

उक्त चित्र प्रकाशित करने का उद्देश्य किसी की धार्मिक भावनाएं आहत करना नहीं है । केवल जानकारी के लिए प्रकाशित किया गया है । – संपादक

संपादकीय भूमिका 

  • अन्य पंथीय सजग होने के कारण उनके श्रद्धास्थानों का इस प्रकार से कोई विडंबन करने का साहस नहीं करता । हिन्दू मात्र निद्रिस्त एवं स्वाभिमानशून्य होने के कारण ही केरल की साम्यवादी सरकार का हिन्दुओं के श्रद्धास्थानों के संदर्भ में इतने निम्न स्तर पर जाकर ऐसा कृत्य करने का साहस होता है । यह १०० कोटी हिन्दुओं के लिए अत्यंत लज्जास्पद है !
  • शबरीमला मन्दिर में १० से ५० वर्ष आयु की महिलाओं को प्रवेश न होने की मन्दिर की प्राचीन परम्परा को इसी केरल की साम्यवादी सरकार ने तोडकर इस आयु की महिलाओं को मन्दिर में प्रवेश देने का हिन्दूद्वेषी निर्णय लिया था । इससे यह प्रमाणित होता है कि साम्यवादी सरकार षडयंत्र पूर्वक हिन्दुओं के श्रद्धास्थानों पर आघात कर रही है । ऐसे साम्यवादियों का राज नैतिक अस्तित्व समाप्त करने के लिए अब हिन्दुओं को तत्पर होना चाहिए !