PIL Hindu Gods Denigration : प्राथमिकी (FIR) प्रविष्टी की यचिका पर दिल्ली न्यायालय का निर्णय सुरक्षित !

हिन्दू देवताओं के विरुद्ध अपमानजनक वीडियो प्रसारित करने का प्रकरण

बाएं से अधिवक्ता अमिता सचदेवा और निर्देश सिंह

नई दिल्ली – ‘एक्स’ (X) पर हिन्दू धर्म के विरुद्ध अपमानजनक एवं भडकाऊ पोस्ट करने के आरोप में निर्देश सिंह के विरुद्ध याचिका प्रविष्ट करने का निर्देश देने की मांग वाली याचिका अधिवक्ता अमिता सचदेवा ने यहां के साकेत न्यायालय में प्रविष्ट की है । इस पर हुई सुनवाई के उपरांत न्यायालय ने अपना निर्णय सुरक्षित रख लिया है । २३ मार्च को इस पर अगली सुनवाई होगी । वरिष्ठ अधिवक्ता मकरंद आडकर के सक्षम मार्गदर्शन में यह प्रकरण न्यायालय में प्रस्तुत किया गया । इसमें सिंह पर भारतीय न्याय संहिता की धारा १९६, २९९ और ३५३ के अंतर्गत सांप्रदायिक विद्वेष भड़काने तथा हिन्दू धर्म का अपमान करने के आरोप लगाए गए।

वरिष्ठ अधिवक्ता मकरंद आडकर


निर्देश सिंह ने सोशल मीडिया के माध्यम से हिन्दू धर्म एवं उसकी परंपराओं को निशाना बनाया । श्रीराम, श्रीकृष्ण एवं ब्रह्मदेव सहित हिन्दुओं के अनेक देवी-देवताओं का उपहास उडाते हुए कई वीडियो तथा संदेश प्रसारित किए । महाकुंभ में गंगा स्नान एवं होली जैसी पवित्र धार्मिक परंपराओं के विषय में अत्यंत आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं । गंगा स्नान की तुलना गंदे नाले के पानी से करना, हिन्दू धर्मग्रंथों पर पाखंड का आरोप लगाना तथा होली को ‘महिलाओं के विरुद्ध हिंसा का उत्सव’ बताकर अनुचित चित्रण करना, इन वीडियो में सम्मिलित है ।

अधिवक्ता अमिता सचदेवा ने याचिका के माध्यम से निम्नलिखित मांगें की हैं ।

तत्काल प्राथमिकी (FIR) प्रविष्ट करना, प्रकरण की गहन जांच आरंभ करना, पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई की रिपोर्ट प्रस्तुत करना । इनका उद्देश्य है कि घृणास्पद लेखन (Hate Speech) पर रोक लगाना एवं सामाजिक सद्भाव बनाए रखना ।

अधिवक्ता अमिता सचदेवा द्वारा किए गए उल्लेखनीय कार्य


अधिवक्ता अमिता सचदेवा अपनी सक्रियता के लिए जानी जाती हैं । उनकी जनहित याचिका के कारण पवित्र घाट पर स्नान कर रही महिलाओं एवं अल्पवयीन लडकियों के आपत्तिजनक दृश्यों वाले ५३१ से अधिक वीडियो यूट्यूब (YouTube) से हटाए गए हैं । पत्रकार राणा अय्यूब के विरुद्ध हिन्दू देवताओं, स्वतंत्रता सेनानी वीर सावरकर तथा भारतीय सेना के विषय में अपमानजनक लेखन करने पर अपराध पंजीकृत करने में अधिवक्ता सचदेवा को सफलता मिली है ।