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नई दिल्ली : बांग्लादेश में पहले शेख हसीना की ‘अवामी लीग’ सरकार ने भारत की पूर्वी सीमाओं से लगे बांग्लादेशी क्षेत्रों को आतंकवाद मुक्त रखा था । उससे पहले, बांग्लादेश का उपयोग भारत में आतंकवादी गतिविधियों को पूर्ण देने के लिए एक ‘बेस’ (ठिकाने) के रूप में किया जाता था। अब फिर से वही स्थिति उत्पन्न होने का भय पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के पुत्र साजीब वाजेद ने व्यक्त किया है । साजीब वाजेद ने यह चौंकाने वाला दावा भी किया कि, “दिल्ली के लाल किले के पास हाल ही में हुए बम विस्फोट के पीछे बांग्लादेशी आतंकवादी संगठन का हाथ होने की जानकारी मुझे रक्षा विभाग के विश्वसनीय सूत्रों ने दी है ।”
शेख हसीना का प्रत्यर्पण (Extradition) न करे भारत !
बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने भारत से शेख हसीना को सौंपने की मांग की है । इस पर वाजेद ने कहा :
किसी भी वैध प्रत्यर्पण के लिए नियमानुसार प्रक्रिया पूरी होनी चाहिए; परंतु बांग्लादेश में नियम-कानून वाली व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है ।
मेरी मां को वहां के न्यायालय में अपना पक्ष रखने के लिए वकील तक नियुक्त करने की अनुमति नहीं दी गई । इसलिए मुझे उम्मीद नहीं है कि भारत बांग्लादेश सरकार की इस विनती पर कोई कार्रवाई करेगा ।
बांग्लादेश का विभाजन होगा !
साजीब वाजेद ने अपेक्षा जताई है कि भारत बांग्लादेश की स्थिति सुधारने के लिए अधिक प्रभावी ढंग से कार्य करे । उन्होंने कहा कि बांग्लादेश में लोकतांत्रिक प्रक्रिया फिर से स्थापित करने के लिए भारत को अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साथ मिलकर सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए । ‘अवामी लीग’ एवं ‘जातीय पार्टी’ जैसे दो बडे दलों को चुनाव लडने से रोकने के कारण बांग्लादेश की आधी आबादी का मताधिकार छीन लिया गया है ।
वाजेद ने भय जताया है कि “यह देश (बांग्लादेश) शीघ्र ही विभाजित होने वाला है ।”
संपादकीय भूमिकाभारत पिछले डेढ साल से बांग्लादेश की स्थिति के संदर्भ में केवल मूकदर्शक बना हुआ है । इसका परिणाम भारत को भुगतना पडेगा, यही आवाजेद कह रहे हैं । क्या अब भी भारत सक्रिय होकर कुछ ठोस कदम उठाएगा ? |
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