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नागपुर – राज्य में स्थानीय स्वशासन संस्थाओं के चुनाव के संबंध में प्रारंभ में राज्य निर्वाचन आयोग ने २ दिसंबर को मतदान तथा ३ दिसंबर को परिणाम घोषित करने का कार्यक्रम घोषित किया था, परंतु कुछ नगर परिषदों तथा नगर पंचायती क्षेत्रों में न्यायालयीन विवाद होने के कारण आयोग ने कार्यक्रम में परिवर्तन करते हुए जिन स्थानों पर घटना लंबित है, वहां २० दिसंबर को मतदान एवं २१ दिसंबर को परिणाम घोषित करने का नया आदेश दिया था । इसी पृष्ठभूमि में अब मुंबई उच्च न्यायालय की नागपुर खंडपीठ ने ३ दिसंबर की मतगणना स्थगित करते हुए २१ दिसंबर को सभी स्थानों के परिणाम घोषित किए जाएं, ऐसा आदेश दिया है । तब तक आचार संहिता लागू रहेगी ।
१. खंडपीठ ने १ दिसंबर को हुई सुनवाई में चुनाव आयोग के वकीलों से सीधे पूछा था, “क्या सभी स्थानीय स्वशासन संस्थाओं के परिणाम २१ दिसंबर को घोषित किए जा सकते हैं ?”
२. आयोग के वकीलों ने तत्काल उत्तर न देते हुए कहा था कि “२ दिसंबर दोपहर तक इस संबंध में निवेदन प्रस्तुत करेंगे ।” उसी अनुसार अब न्यायालय ने सभी स्थानों के परिणाम २१ दिसंबर को घोषित करने का निर्देश दिया है ।
३. “चुनाव अधिकारियों ने सभी प्रक्रिया पूर्ण होने का शपथपत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया था । मतदान क्षेत्रों में समस्त मशीनरी केंद्रों पर पहुंच चुकी है तथा कर्मचारियों ने तैयारी दर्शाई है । इसलिए मतदान रोकना उचित नहीं है,” ऐसा न्यायालय ने स्पष्ट किया ।
४. परिणाम की तारीख आगे बढाने से जनता में भ्रम एवं राजनीतिक तनाव बढ सकता है, ऐसा भी न्यायाधीशों ने अवलोकन प्रस्तुत किया था । उसी अनुसार न्यायालय ने यह निर्णय दिया है ।
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